शहर बरेली की पूर्णिमा शर्मा अमिताभ बच्चन और आयुष्मान खुराना की फिल्म ‘गुलाबो सिताबो’ से बॉलीवुड में करेंगी डेब्यू

शहर बरेली की पूर्णिमा शर्मा अमिताभ बच्चन और आयुष्मान खुराना की फिल्म ‘गुलाबो सिताबो’ से बॉलीवुड में डेब्यू कर रही हैं। थिएटर के जरिए बॉलीवुड में जाने का सपना इतनी जल्दी पूरा होगा इसकी उम्मीद पूर्णिमा को नहीं थी। फिल्म 12 जून को रिलीज होगी।

पूर्णिमा को अभिनय से हमेशा लगाव रहा। 2015 में केसीएमटी में बीएड करने के दौरान वह रंग प्रशिक्षु नाट्य दल के संपर्क में आईं। रंग प्रशिक्षु के अमित रंगकर्मी और गरिमा सक्सेना ने उन्हें अभिनय की बारीकियों से रूबरू कराया। 2018 में उन्हें भारतेंदु नाट्य अकादमी लखनऊ में प्रवेश मिल गया। मई 2019 में लखनऊ में गुलाबो सिताबो का ऑडिशन चल रहा था। पूर्णिमा यूं ही ऑडिशन देने चली गई। उन्हें कहां पता था कि यह एक दिन उनकी किस्मत को बदलने वाला साबित होगा। 100 से ज्यादा लड़कियों के बीच में कास्टिंग डायरेक्टर को पूर्णिमा ने सबसे ज्यादा प्रभावित किया। शुजीत सरकार जैसे बड़े डायरेक्टर की फिल्म में उन्हें आयुष्मान खुराना के अपोजिट काम करने का मौका मिल गया।

आयुष्मान की प्रेमिका का किरदार:
फिल्म में पूर्णिमा के किरदार का नाम फौजिया है। वह आयुष्मान खुराना की प्रेमिका बनी हैं। पूर्णिमा बताती हैं कि आयुष्मान खुराना आज के सुपरस्टार हैं। इसके बाद भी उनका व्यवहार बहुत सरल है। पहली बार मिलने पर भी ऐसा नहीं लगता है कि आप उनके पुराने परिचित नहीं हैं। शूटिंग के दौरान वे सह कलाकारों का पूरा ध्यान रखते हैं। नए कलाकारों का वो हमेशा उत्साह बढ़ाते रहते हैं।

12 जून को होगी अमेजन प्राइम पर होगी रिलीज:
लॉकडाउन के कारण फिल्म ‘गुलाबो सिताबो’ 12 जून को टाकीज की जगह अमेजन प्राइम पर रिलीज होगी। पूर्णिमा को फिल्म की सफलता का पूरा विश्वास है। कहती हैं कि हमारी बरेली की प्रियंका चोपड़ा और दिशा पाटनी ने मॉडलिंग के जरिए फिल्मी दुनिया में इंट्री पाई थी। मैं रंगमंच में अभिनय के गुर सीख कर बॉलीवुड में जा रही हूं। पूर्णिमा के पिता सुरेश चंद्र शर्मा निजी संस्थान में कार्य करते हैं, वही मां सुनीता शर्मा अध्यापिका हैं।

एकल नाटक कर किया है प्रभावित:
पूर्णिमा को अभिनय सिखाने वालीं गरिमा सक्सेना कहती हैं कि मात्र तीन वर्ष में ही पूर्णिमा ने यह मुकाम हासिल कर लिया। रंगमंच की शुरुआत में ही उन्होंने एकल नाटक के 30 शो किये जो किसी भी नए कलाकार के लिए बेहद कठिन होते हैं। शी मैटर्स बट, ताजमहल का टेंडर, मास्टरपीस, अमरबेल हेमलेट आदि उसने सारे नाटक रंग प्रशिक्षु में ही किये हैं।आज पूरा रंग प्रशिक्षु परिवार पूर्णिमा की सफलता से बेहद खुश है।


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