एक अफवाह ने पूरे जंगल को साफ कर दिया, वन विभाग जांच में जुटी

पी0 के0 विश्वकर्मा (संवाददाता)

■ अफवाह के बाद सैकड़ों ग्रामीणों ने काट लिए दर्जनों टैक्टर गीले व सूखे पेड़

■ सूचना मिलते ही वन विभाग व पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची

■ फोर्स के पहुंचते ही ग्रामीण लकड़ी छोड़ हुए फरार

■ वन विभाग काटी गयी लकड़ियों को जब्त करने में जुटी

■ जंगल काटने वाले ग्रामीणों पर की जायेगी कड़ी कार्यवाही- संजय माथुर

कोन । अभी मुख्य वन संरक्षक लखनऊ तीन दिनों तक म्योरपुर के काचन के जंगल में अवैध कटान कर लौटे है कि कोन क्षेत्र में वन विभाग से जुड़े एक बड़े मामले ने विभाग में हड़कम्प मचा दिया ।
म्योरपुर के काचन के जंगल में वन माफिया विभागीय मिलीभगत कर पूरे जंगल से बेशकीमती लकड़ी का सफाया कर दिया, वहीं कोन क्षेत्र में एक अफवाह ने पूरे जंगल को ही तबाह कर दिया।
कोन में हुए घटना के सम्बंध में मिली जानकारी के मुताबिक ग्राम पंचायत बागेसोती के सिंगा पहाड़ी में उस समय हडकंप मच गया जब कुछ ग्रामीणों ने गांव में यह कह कर अफवाह फैला दी कि जिसे भी लकड़ी की जरूरत हो आज भर अपने जरूरत की लकड़ी काट सकता है, यह छूट आज भर ही रहेगी ।
फिर क्या इसी अफवाह ने पूरे गांव में आग लगा दी । जो जहां था भागकर घर पहुंचा और घर के अन्य सदस्य को लेकर कुल्हाड़ी के साथ जंगल पहुंचा और अपनी पसंद की लकड़ी काटने लगा ।

बड़ी संख्या होने के कारण ग्रामीण अपना-अपना एरिया भी बांट लिया । हद तो तब हो गयी ज़ब ग्रामीणों ने गीले पेड को काटना शुरू कर दिया । बताया जा रहा है कि देखते ही देखते दर्जनों टैक्टर लकड़ी काट दिए गए । घटना शनिवार की बताई जा रही है ।

पूरे मामले की जानकारी करने पर पता चला कि शनिवार को सुरक्षित जंगल (सिंगा पहाड़ी) में अचानक सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण लकड़ी काटने पहुंच गए । ग्रामीणों द्वारा लकड़ी काटने की सूचना मिलते ही वन विभाग के कर्मचारी जब मौके पर पहुंचे तो वहां का नजारा देखकर आवाक रह गये।

संबधित बीट प्रभारी ने बताया कि जंगल काट रहे ग्रामीणों को जब मना किया गया तो वे गाली-गलौज करने के साथ गलत आरोप लगाकर फंसाने की धमकी देने लगे । उन्होंने बताया कि ग्रामीणों की नजाकत देखकर वे वहां से चले गए और उच्चाधिकारियों को अवगत कराया ।
सूचना मिलते ही वन क्षेत्राधिकारी संजय माथुर, एसडीओ समेत आलाधिकारी व भारी संख्या में पुलिस फोर्स पहुंच गयी । जिसके बाद फोर्स को देखते ही ग्रामीण लकड़ी छोड़कर भाग गये । वन विभाग लकड़ियों को इकट्ठा कर जब्त करने में जुटी है।

ग्रामीणों की माने तो सिंगा गांव के बगल में ही पेड़ विहीन सुरक्षित जंगल था जिसे ग्रामीणों ने आपस में मिलकर जंगल को बचाने के लिए एक समिति का गठन कर लगभग पांच वर्षों से जंगल की रखवाली करके जंगल को हराभरा कर दिया था । लेकिन शनिवार को एक अफवाह ने पूरे जंगल को तबाह कर दिया ।

इस संबंध में वन क्षेत्राधिकारी संजय माथुर ने कहा कि कुछ ग्रामीणों के अफवाह पर तमाम ग्रामीण पहुंच गीली सिद्ध की लकड़ी का कटान किया गया है।जिसे इकट्ठा कर जब्त कर रेंज आफिस लाया जा रहा है । उन्होंने बताया कि लकड़ी काटने वाले ग्रामीणों को चिन्हित कर कड़ी कार्यवाही की जायेगी।



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