समाधान विकास समिति विपनेट द्वारा मनाया गया कछुआ दिवस

दीनदयाल शास्त्री (ब्यूरो)

पीलीभीत । समाधान विकास समिति विपनेट क्लब पीलीभीत, टाइगर रिजर्व व डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के तत्वावधान में आज कछुआ दिवस के अवसर पर एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर व्हाट्सएप द्वारा प्रश्नोत्तरी के माध्यम से जानकारी दी गयी ।

कछुआ के महत्व व संरक्षण की आवश्यकता के बारे मे जानकारी देने के लिए प्रश्नोत्तरी का आयोजन किया गया। प्रभागीय वनाधिकारी टाइगर रिजर्व, नवीन खंडेलवाल ने बताया कि आज का दिन लोगों का ध्यान कछुओं की तरफ और उन्हें बचाने के लिए किए जाने वाले मानवीय प्रयासों को प्रोत्साहित करने का अवसर है। उन्होंने इस अभियान में जनसामान्य से जुड़ने का आह्वान किया। डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के वरिष्ठ परियोजना अधिकारी नरेश कुमार ने कहा कि कछुआ जल तंत्र का गिद्ध हैं । ।नदी के जल को शुद्ध रखने में कछुओं का महत्वपूर्ण योगदान है। हमें समाज में कछुओं के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाना होगी। कछुआ यदि बीमार या घायल न हो तो कछुए को उसके प्राकृतिक निवास स्थल से बाहर न निकालें। वहीं क्लब की अध्यक्षा उर्मिला देवी ने बताया कि कछुओं की प्रजाति 200 मिलियन वर्ष पुरानी है। बौग कछुआ लगभग 4 इंच के सबसे छोटे होते हैं । जबकि लेदरी कछुआ लगभग 1500 पौंड का सबसे बड़ा होता है। इस मौके पर समन्वयक लक्ष्मीकांत शर्मा ने बताया कि कछुओं से जुड़ी अनेक मान्यताओं, भोजन के रूप में प्रयोग तथा उत्तेजक औषधियों के निर्माण में प्रयुक्त के कारण लोग इनकी जान के दुश्मन हैं । इनकी तस्करी की घटनाएं सामने आती है। 100 से 500रु मे खरीदा गया कछुआ प्रजातियों के हिसाब से हजारों में तस्करी होता है। प्रश्नोत्तरी में कोमल, अक्षय, मनोज, आयुष, राजकुमार, चित्र वती, कीर्ति राय, रितिका भाटिया, अनीशा साना, नूर आफ्शा, पारस पंत, रेशमा राठौर, शशि,मानसी गीतांजलि, मुस्कान सहित तमाम प्रतिभागियों ने प्रतिभाग किया। कार्यक्रम से कछुआ संरक्षण के लिए प्रयासों को प्रोत्साहित करने के लिए गति मिली ।


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