बस विवाद में गिरफ्तार किए गए कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू,भेजे गए 14 दिन की न्यायिक हिरासत में

बस विवाद में गिरफ्तार किए गए उत्तर प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू को बुधवार को अदालत में पेश किया गया है, जहां से उनको जमानत मिल गई और रिहा कर दिया गया । इसके बाद लखनऊ पुलिस ने अजय कुमार लल्लू को गिरफ्तार कर लिया । लखनऊ पुलिस ने अजय कुमार लल्लू को पुलिस ने मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया, जहां से उनको 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया । अब उनको 14 दिन तक अस्थायी जेल में रखा जाएगा ।
लखनऊ पुलिस ने कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू को लेकर गुपचुप तरीके से महानगर सिविल अस्पताल पहुंची और मेडिकल जांच कराया । पुलिस उनको छुपाकर ले गई और कांग्रेसी कार्यकर्ता भटकते रहे। इसके साथ ही भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है ।

वहीं, इससे पहले जब अजय कुमार लल्लू को कोर्ट में पेश किया जा रहा था, तब कोर्ट परिसर के बाहर कांग्रेस समर्थक जमा होकर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। इससे पहले कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आगरा पुलिस लाइन के बाहर भी विरोध प्रदर्शन किया था ।

प्रवासी मजदूरों के लिए बसों के इंतजाम को लेकर उपजे विवाद पर अजय कुमार लल्लू और विवेक बंसल को आगरा पुलिस ने गिरफ्तार किया था । उनके खिलाफ थाना फतेहपुर सीकरी में भारतीय दंड संहिता यानी आईपीसी की धारा 188 और 269 के अलावा महामारी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। इसमें अजय कुमार लल्लू और पूर्व विधायक विवेक बंसल के अलावा 67 अज्ञात लोगों भी आरोपी बनाया गया ।

आगरा पुलिस ने अजय कुमार लल्लू को उत्तर प्रदेश और राजस्थान बॉर्डर पर लॉकडाउन का उल्लंघन करने के आरोप में गिरफ्तार किया था । यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू राजस्थान से बसों को लाकर उत्तर प्रदेश की सीमा में प्रवेश करना चाहते थे और यहां से गाजियाबाद व नोएडा बसों को ले जाना चाहते थे ।

हालांकि आगरा पुलिस ने अजय कुमार लल्लू को उत्तर प्रदेश की सीमा में बसों के साथ प्रवेश नहीं करने दिया था और बसों के परमिट व फिटनेस के कागजात मांगे थे, जो कांग्रेस द्वारा मंगलवार देर शाम तक नहीं दिखाए गए थे। इसके बाद अजय कुमार लल्लू और कांग्रेस के पूर्व विधायक विवेक बंसल को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था ।

आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश में प्रवासी मजदूरों के लिए बसों के इंतजाम पर कांग्रेस और बीजेपी के बीच सियासी जंग जारी है। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने प्रवासी मजदूरों को घर पहुंचाने के लिए योगी सरकार को एक हजार बसों की लिस्ट सौंपी थी, जिसकी इजाजत दे दी गई थी । इसके बाद इस लिस्ट में शामिल कई वाहनों के थ्री व्हीलर और टू व्हीलर होने की बात सामने आई। इसके बाद इन बसों को इजाजत नहीं दी गई थी, जिसके चलते कांग्रेसी सड़क पर उतर आए थे ।


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