एमपी के रमडीहा में मिला कोरोना पॉजिटिव, मगर क्यों हैं नेवारी गांव के लोग टेंशन में, पढ़ें पूरी खबर

रविन्द्र पाठक/घनश्याम पांडेय (संवाददाता)

जुगैल । जुगैल से लगभग 1 किमी0 की दूरी पर एमपी बार्डर का गांव रमडीहा में कोरोना पॉजिटिव का एक मरीज मिलने से न सिर्फ रमडीहा गांव में बल्कि नेवारी गांव में भी हड़कम्प मचा हुआ है। भले ही मामला एमपी का हो मगर बार्डर का गांव होने की की वजह से वहां के लोगों का सोनभद्र बार्डर पार आना-जाना बेरोकटोक होता है ।

नेवारी क्षेत्र में चर्चा के मुताबिक कोरोना मरीज का परिवार सब्जियां बेचने का काम करते हैं। कोरोना मरीज 16 मई को मुम्बई से घोरावल के रास्ते सीधे घर रमडीहा पहुंचा था लेकिन उसे बीच में सोनभद्र निवासी किसी ने रिसीव कर घर तक छोड़ा था।

बताया जा रहा है कि मुम्बई से लौटे युवक की रात में ही तबियत बिगड़ने लगा था, जिसके बाद घर वाले पहले सोनभद्र के ही किसी ओझा से ओझाई कराया लेकिन जब तबियत ज्यादा बिगड़ने लगी तो मध्य प्रदेश में ही किसी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसकी रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव निकल गयी। जिसके बाद नेवारी के ग्रामीणों में इस बात के डर सता रहा है कि पॉजिटिव रिपोर्ट मिलने मरीज के घर वाले गांव में घूम घूम कर सब्जियां बेचे थे। वहीं सोनभद्र के बॉर्डर गांव नेवारी में लगे पेट्रोल पम्प से रमडीहा के लोग भी पेट्रोल भराने आये है। अब नेवारी के लोगों को इस बात का डर सताने लगा है कि जो लोग लोग रमडीहा से यहां पेट्रोल भरवाने आए थे क्या वे मरीज के किसी परिवार के सदस्य के संपर्क में थे या नहीं।
बहरहाल जिला प्रशासन को अब इसे गंभीरता से लेना चाहिए और पेट्रोल पम्प को भी तत्काल सेनेटाइज कराना चाहिए । साथ ही उन लोगों के बारे में भी पता लगाकर उन्हें क्वारेन्टीन करना चाहिए जो उसे रिसीव किया है और उसके गांव जाकर ओझाई किया ।

वहीं एमपी प्रशासन ने पॉजिटिव केस मिलने के बाद सतर्कता बढ़ा दी है। एमपी और उत्तर प्रदेश के बॉर्डर पर आवागमन को बन्द करने के लिए जेसीबी से रास्ते को खोद दिया गया है ताकि लोग वाहनों से बार्डर पार न कर सके। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि रिपोर्ट आने से पहले जो लोग आए और गए उनका क्या होगा?


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