मायावती ने किया ट्वीट, अगर कांग्रेस पार्टी के पास वास्तव में 1,000 बसें हैं तो उन्हें लखनऊ भेजने में देर नहीं करनी चाहिए

मजदूरों के लिए 1000 बसों के कांग्रेसी प्रस्ताव पर बवाल थमता नजर नहीं आ रहा है । बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने कहा कि अगर कांग्रेस पार्टी के पास वास्तव में 1,000 बसें हैं तो उन्हें लखनऊ भेजने में कतई भी देरी नहीं करनी चाहिए, क्योंकि मजदूर बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं ।

मायावती ने मंगलवार को अपने ट्वीट में लिखा, ‘केंद्र सरकार से अपील है कि वह राज्यों की आर्थिक स्थिति को खास ध्यान में रखकर और मानवता व इंसानियत के नाते भी खुद अपने खर्च से श्रमिक प्रवासियों को बसों व ट्रेनों आदि से सुरक्षित भिजवाने के लिए जरूर सकारात्मक कदम उठाए ।’

आगे मायावती ने कहा, ‘इसके साथ ही, राज्यों की सरकारों से भी यह कहना है कि वे अपने-अपने राज्यों में श्रमिक प्रवासियों की खाने व ठहरने तथा उन्हें सरल प्रक्रिया के ज़रिये बसों व ट्रेनों आदि से भेजने की उचित व्यवस्था जरूर करें । अगर कांग्रेस पार्टी के पास वास्तव में 1,000 बसें हैं तो उन्हें लखनऊ भेजने में कतई भी देरी नहीं करनी चाहिए ।’

वहीं, समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा, ‘आम जनता को ये समझ नहीं आ रहा है कि जब सरकारी, प्राइवेट और स्कूलों की पचासों हजार बसें खड़े-खड़े धूल खा रही हैं तो प्रदेश की सरकार प्रवासी मजदूरों को घर पहुंचाने के लिए इन बसों को सदुपयोग क्यों नहीं कर रही है । ये कैसा हठ है? बस की जगह बल का प्रयोग अनुचित है।’


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