घर से ही अता की जाएगी अलविदा व ईद की नमाज : सदर

आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)

★ तरावीह और जुमा की तर्ज पर घर में ही अता की जाएगी अलविदा और ईद की नमाज

★ ईदगाह-मस्जिद में जाने की इजाजत नहीं – सदर एसोसिएशन

★ मोदी सरकार ने लॉकडाउन को 31 मई तक के लिए बढ़ाकर संशय किया खत्म

★ निकाह समारोह में 50 लोगों के शामिल होने की होगी इजाजत

सोनभद्र । मोदी सरकार ने कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए लगाए गए लॉकडाउन को एक बार फिर से बढ़ा दिया है। लॉकडाउन 4.0 का पहला दिन आज से शुरू हो गया और 31 मई तक लागू रहेगा। इस दौरान देशभर में धार्मिक स्थल बंद रहेंगे और सभी सार्वजनिक आयोजनों पर पाबंदी रहेगी। सरकार के इस फ़ैसले के बाद अलविदा जुमा और ईद की नमाज क्रमशः जामा मस्जिद और ईदगाहों में पढ़ने की गुंजाइश खत्म हो गई। अगले हफ्ते ईद का त्यौहार है। लिहाजा इस बार की ईद लॉकडाउन 4.0 में मनाई जाएगी। इस दौरान किसी को ईदगाह या मस्जिद में जमा होने की इजाजत नहीं रहेगी। हालांकि अलविदा जुमा और ईद के त्यौहार को लेकर मुस्लिम समुदाय में ही नहीं बल्कि प्रशासन में भी संशय की स्थिति बनी हुई थी। इस परिपेक्ष्य में गत शनिवार को जिलाधिकारी एस0 राजलिंगम की अध्यक्षता में मुस्लिम धर्मगुरुओं की बैठक पुलिस लाइन चुर्क में आयोजित की गई थी। जिसमें रावर्ट्सगंज के सदर मुश्ताक खान ने शादी व अंतिम संस्कार के लिए दी जाने वाली रियायतों का हवाला देते हुए ईद की नमाज भी 20-20 लोगों की जमात को 15-15 मिनट के अंतराल पर पढ़ने का सुझाव देते हुए जिला प्रशासन से अनुमति मांगी थी लेकिन जिलाधिकारी एस0 राजलिंगम व पुलिस अधीक्षक आशीष श्रीवास्तव ने एक सिरे से मांग खारिज करते हुए लॉक डाउन 4.0 के दिशा-निर्देश आने के बाद उसके अनुसार त्योहार मनाने की बात कही थी। रविवार को चौथे चरण के लॉक डाउन की गाइड लाइन आते ही अलविदा और ईद की नमाज तरावीह और जुमा की नमाज के तर्ज पर अपने-अपने घरों में ही अदा करने की स्थिति साफ हो गई।

सदर एसोसिएशन के अध्यक्ष मुश्ताक खान व उपाध्यक्ष मु0 शमीम अंसारी ने संयुक्त रूप से जनपद के मुसलमान से देश मे फैली वैश्विक महामारी को देखते हुए सरकार द्वारा चौथे चरण की गाइड लाइन के मुताबिक अपने-अपने घरों में ही अलविदा और ईद की नमाज सादगी के साथ अदा करने की अपील की साथ ही ईद त्योहार पर न किसी के गले मिलने, न मुसाफा (हाथ मिलाने) करने और न ही किसी के घर जाकर सेवईं आदि खाने की गुजारिश की है। ईद की खरीददारी की जगह गरीबों मिस्कीनों व मदरसों में इस्लाम धर्म द्वारा निर्धारित फितरा-जकात ज्यादा से ज्यादा देने की भी अपील की है। चौथे चरण में स्थिति साफ होने के बाद तमाम सोशल मीडिया पर ईद का दोगाना अदा करने के तरीके व नीयत सार्वजनिक किए जा रहे हैं। इस कड़ी में सदर एसोसिएशन ने जनपद में एक साथ एक ही वक्त ईद नमाज हर जगह अदा करने व ओलमा-ए-कराम संपर्क कर ईद के दोगाने की नीयत व समय जल्द ही सार्वजनिक करने की बात कही है।


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