मदरसे को ग्रामीणों ने बनाया क्वारंटाइन सेंटर

विनोद कुमार (संवाददाता)

– श्रमिकों का होगा उचित देखभाल

शहाबगंज । शासन द्वारा पर्याप्त मात्रा में क्वारंटाइन सेंटर का स्थापना नहीं करने के कारण,बाहर से आने वाले प्रवासी श्रमिकों को काफी समस्या उठानी पड़ रही है।जो मजदूर अस्पतालों में थर्मल स्कैनिंग करा रहे है।उनको होम क्वारंटाइन रहने को चिकित्सक कह रहे है।लेकिन गांव में आते ही श्रमिकों को विरोध भी झेलना पड़ रहा है।वही कुछ प्रधान गांव के बाहर परिषदीय विद्यालयों में व्यवस्था करा रहे है।लेकिन जिन गांवों में विद्यालय नही है।वहां काफी समस्या हो रही है।मजदूरों की इन्हीं समस्याओं को देखते हुए किड़िहिरा गांव के मुस्लिम बंधुओं ने बैठकर गांव में स्थित मदरसे को ही क्वारंटाइन सेंटर बनाने का निर्णय लिया।जिसमे बाहर से आये एक दर्जन श्रमिकों को 14 दिन तक क्वारंटाइन रहने के लिए मदरसे में ब्यवस्था किया गया।वहीं ग्रामीणों ने पुरे गांव के साथ मदरसे को भी सेनेटाईज कराया गया।इस दौरान नेशनल एंटी करप्शन अलपसंख्यक के जिलाध्यक्ष परवेज अली ने कहां कि इस कोरोना वायरस से बचाव का एक मात्र उपाय बचाव ही है।बहुत सारे मजदूरों के पास एकही कमरे का मकान है।ऐसी दशा में क्वारंटाइन रहने में समस्या हो रही थी।इसी समस्या को देखते हुए मदरसे को क्वारंटाइन सेंटर बनाया गया है।

इस दौरान मुजिबुद्दीन, सद्दाम हुसैन, गुड्डू खान, अवसाद अहमद, इस्तियाक खान सहित आदि लोगो ने सेंटर के देखभाल की जिम्मेदारी लिया।


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