कोरोना से जंग में त्रिपल ‘ बी ‘ को सम्बल की दरकार

मनोहर गुप्ता (विशेष संवाददाता)
– बी(बुजुर्ग) बी(बीमार) बी(बेरोजगार)
लॉक डाउन में सबसे ज्यादा हैं परेशान

चंदौली । कोरोना का सितम अपने चरम की ओर है।देश में मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है। प्रवासी मजदूर वापसी कर रहे हैं। लॉक डाउन की सीमा बढ़ रही है।लोग जीवनयापन को पटरी पर लौटने की बाट जोह रहे हैं।समस्याओं का आकार रोज बबढ़ रहा है।समाज का हर तबका परेशान हैं।कोरोना से जंग में त्रिपल ‘ बी ‘ को सम्बल की दरकार है।त्रिपल बी का मतलब बी(बुजुर्ग)बी(बीमार)बी(बेरोजगार) है।लॉक डाउन में इनकी परेशानी बढ़ रही है।
17 मई को लॉक डाउन फेज थ्री का अंतिम दिन है।आगे क्या फैसला होगा यह धीरे धीरे तय हो रहा है। देश मे रविवार को कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या 90 हजार के पार् हो गई। लोगों को फेज फोर के लॉक डाउन के लिए जारी होने वाले गाइड लाइन का इंतजार है।देश के विभिन्न कोनो से प्रवासी मजदूरों का अपने राज्य के घरों की ओर पलायन जारी है।लॉक डाउन का असर अब लोगों पर हो रहा है। 53 दिनों की लंबी लॉक डाउन की अवधि लोगों ने घरों में कैद हो कर बिताया है।फेज थ्री में कुछ सहूलियत मिली है।जिसका लाभ लोगों को मिल रहा है।इससे संकट भी गहरा रहा है।प्रवासी मजदूरों की वापसी व इससे संकट बढ़ने की सम्भवना से लोग डर की साये में जी रहे है। कोरोना से जंग में त्रिपल ‘ बी ‘ को सम्बल की दरकार
बी(बुजुर्ग)बी(बीमार)बी(बेरोजगार)।लॉक डाउन में बुजुर्ग अपनी सेहत को लेकर चिंतित है।घरों में एक स्थान पर बैठे रहने से उनके मन मे उदासी छा रही है। उनको बाहर की हवा नहीं मिल पा रही है।तो बीमार लोग भी तन्हा हो रहे हैं।डॉक्टर की लिखी लम्बी अवधि की दवा का सेवन करना हैं।गम्भीर रूप से पीड़ित काफी परेशानी में हैं।जिन्हें सम्बल की जरूरत है। वहीं बेरोजगार लॉक डाउन में परेशान हैं।घर परिवार की जिम्मेवारी भी आ रही है।काम न मिलने से दो पैसे की आमदनी नहीं हो रही है। बेरोजगार इस समय अपने के अवसाद ग्रस्त पा रहे हैं।।ऐसे में त्रिपल बी को सम्बल की दरकार है।

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