ई पॉश मशीन में अंगूठे का निशान मिलान न होने से बिना राशन लिए घर लौटे उपभोक्ता

शशिचौबे (संवाददाता)

– कभी अंगूठा न लगने तो, कभी लिस्ट में नाम न होने से बैरंग लौट रहे लाभार्थी

डाला । यूपी की योगी आदित्यनाथ सरकार भले ही जरुरतमन्दो तक रिकाॅर्ड राशन वितरण का दावा कर रही है लेकिन हकीकत में दुश्वारियां इतनी अधिक हैं कि राशन लेने के लिए लोगों के पसीने छुट रही है। कई जगह तापमान बढने से दस बजे से राशन के लिए लम्बी लम्बी लाइन लगाने के घण्टो बाद जब नम्बर आया तो आधार के अंगूठे का मिलान नही होने से कई जरुरतमन्द बैरंग लौटने को मजबूर है। इनदिनो राशन लेने मे कईयों को नम्बर आने के बाद पता चलता है कि कार्ड निरस्त हो गया है या सूची में नाम ही नही है।जब कार्ड धारक यह सुनता है तो कितना मायूस होकर घर जाता होगा यह किसी से छिपी नहीं है।
यूपी सरकार ने 15 अप्रैल से अंत्योदय से लेकर पात्र गृहस्थी के हर लाभार्थी को प्रति यूनिट पांच किलो चावल मुफ्त देने की घोषणा की है। दावा प्रति यूनिट एक किलो अरहर दाल देने का भी था। दाल की उपलब्धता नहीं होने पर खड़ा चना देने की बात है। जो क्षेत्र के राशन के साथ प्रति कार्ड एक किलो चना मिलने लगा है इसके अलावा जरूरतमंदों के पास राशन कार्ड नहीं होने की स्थिति में आधार कार्ड के आधार पर अनाज देने का दावा है। परन्तु यह सब सारे नियम इन क्षेत्रो मे धराशायी हो रहे है। लाकडाउन के पहले चरण मे बीना राशन कार्ड धारको को राहत किट दिया गया जिसके बाद महिना बीतने के बाद दोबार कोई पुछने वाला नही नजर आए।ऐसे मे वो मजदुर जरुरतमन्द जिनके पास राशन कार्ड नही है वह परेशान व दर दर राहत मागते नजर आ रहे है। क्षेत्र के जिन टोलो मे राहत किट पहली बार बटे वह अब किसके आसरे रहे।यह पूछने वाला कोई नहीं है।

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