कोरोना ने बढ़ा दी ” टीडीएस ” का पारा

मनोहर गुप्ता (संवाददाता)
* टी (टेंशन)
* डी (डिप्रेशन)
* एस (सैडनेस)
* लॉक डाउन के प्रहार से टूट रही कमर
* वायरस से बचने के लिए दो गज की दूरी जरूरी

चंदौली। कोरोना वायरस ने सारे सिस्टम को डांवाडोल कर दिया है।राजनीतिक ,सामाजिक,आर्थिक व्यवस्था को बदल कर रखा है। चाह कर भी व्यवस्था पटरी पर नहीं आ रही है।इससे “टीडीएस ” का पारा बढ़ रहा है। लोग परेशान होने लगे हैं।लॉक डाउन फेज थ्री अंतिम दौर में है।अब लोगों में तनाव,अवसाद व उदासी घर कर रही है कि आगे क्या होगा।
इस समय कोरोना का दंश विश्व के अधिकांश देश झेल रहे है। भारत मे भी कोरोना ने अपने पांव तेजी से पसारे है।देश में कोरोना मरीजों में इजाफा हो रहा है। इसका संक्रमण से 75 हजार से अधिक लोग ग्रसित हैं। स्थिति भयावह होती जा रही है।देश में लॉक डाउन फेज थ्री के समाप्त होने में दो दिन बचा है ।लॉक डाउन फेज फोर को नए रंग रूप में लाने की तैयारी है।फेज थ्री के लॉक डाउन में काफी सहूलियत दी गईं। लोग इस सहुलियत का लाभ उठाने के साथ लापरवाही भी बरत रहे हैं। न मास्क न फिजिकल डिस्टेंस , न थूकने से परहेज न लॉक डाउन का पालन किया जा रहा है। लगभग 52 दिन के लॉक डाउन में लोगों ने काफी कुछ सीखा और अनुभव किया है।लेकिन इसके साथ ही।मानव व्यवहार में काफी परिवर्तन आया है। लॉक डाउन में कोरोना ने ” टीडीएस ” का पारा बढ़ा दिया है।
टी(टेंशन)डी(डिप्रेशन)एस(सैडनेस) है।लॉक डाउन के प्रहार से कमर टूट रही है। काम धंधा बन्द है।लोगों के खर्चे बढ़ गए है।पचास दिन तक डेली खाने कमाने वाले परेशान है। कुछ दिनों तक सब सही रही। अब उनमें तनाव,अवसाद व उदासी घर कर रहे है। अब कोई बूस्टर काम नहीं आ रहे है। लॉक डाउन फेज फ़ॉर में क्या सामने आता है यह आगे की रास्ते तय करेंगे।फिलहाल लोगों की परेशानी बढ़ती जा रही है।


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