आयुष मंत्रालय की एडवाइजरी का पालन करें जनपदवासी : डीएम

आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)

सोनभद्र । वर्तमान में कोविड-19 वैश्विक महामारी का प्रकोप है। इस महामारी की अभी तक कोई दवा नहीं बनी है, ऐसे में शरीर को स्वस्थ बनाये रखने में प्राकृतिक रोग प्रतिरोधक प्रणाली की भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि आयु एवं स्वास्थ्य से जुड़ा विज्ञान होने के साथ ही आयुर्वेद प्राकृतिक साधनों के प्रयोग पर बल देता है। रोगों से बचाव का आयुर्वेदिक पक्ष मुख्यतः दिनचर्या एवं ऋतुचर्या पर आधारित है। आयुर्वेद शास्त्रों में वर्णित सरल उपायों के द्वारा व्यक्ति अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि कर सकता है।
उक्त बातें जिलाधिकारी एस0 राजलिंगम व पुलिस अधीक्षक आशीष श्रीवास्तव ने आज कलेक्ट्रेट मीटिंग हाल में महामारी कोविड-19 के संक्रमण से निपटने के लिए प्रतिरोधात्मक क्षमता बढ़ाये जाने सम्बन्धी आयोजित कार्यशाला में कहीं।

इस मौके पर स्वास्थ्य विभाग, आयुर्वेद विभाग, यूनानी विभाग, होम्योपैथ विभाग के साथ ही योग से जुड़ें प्रबुद्धजनों ने प्रतिरोधात्मक क्षमता बढ़ाये जाने पर परम्परागत घरेलू उपयोग/उपभोग के सामानों के साथ ही योग करने पर बल दिया।

जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक ने बताया कि आयुष मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा स्वयं की देख-भाल एवं रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए विभिन्न प्रकार के सुझाव दिए गए हैं। सामान्य उपायों के बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि पूरे दिन केवल गरम पानी पियें। आयुष मंत्रालय की सलाह के अनुसार प्रतिदिन कम से कम 30 मिनट योगासन, प्राणायाम एवं ध्यान करें। हल्दी, जीरा, धनिया एवं लहसुन आदि मसालों का भोजन बनाने में प्रयोग करें।
उन्होंने बताया कि आयुष मंत्रालय द्वारा दी गयी सलाह के अनुसार रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने हेतु आयुर्वेदिक उपायों में आप च्यवनप्राश 10 ग्राम (एक चम्मच) सुबह लें। मधुमेह के रोगी शुगर फ्री च्वनप्राश प्रयोग में ले सकते हैं। तुलसी, दालचीनी, कालीमिर्च, सोंठ (सूखी अदरख) एवं मुनक्का से बनी हर्बल टी, काढ़ा दिन में एक से दो बार पियें। स्वादानुसार इसमें गुड़ या ताजा नींबू मिला सकते हैं। गोल्डन मिल्क-150 मिलीग्राम गर्म दूध में आधा चम्मच हल्दी चूर्ण दिन में एक से दो बार लिया जा सकता है। सामान्य आयुर्वेदिक उपायों में सुबह एवं शाम तिल, नारियल का तेल या घी नाक के दोनों छिद्रों में लगायें। 1 चम्मच तिल अथवा नारियल तेल को लेकर दो से तीन मिनट तक कुल्ले की तरह मुंह में घुमायें। उसके बाद उसे कुल्ले की तरह थूंक दें, फिर गरम पानी से कुल्ला करें। ऐसा दिन में एक से दो बार करें। खांसी, गले में खराश होने की दशा में दिन में एक बार कम से कम पुदीने के पत्ते, अजवाइन डाल कर पानी की भाप लें। लौंग के चूर्ण में गुड़ या शहद मिला कर दिन में दो या तीन बार भी प्रयोग में लाया जा सकता है। ये उपाय सामान्य सूखी खांसी के लिये लाभदायक फिर भी अगर लक्षण बने रहते हैं, तो डाक्टर से परामर्श अवश्य लें। उन्होंने कहा कि बचाव हेतु नागरिकों को कोरोना संक्रमण से बचाव सम्बन्धी बुकलेट व पम्पलेट छपवाकर जिले के गांव सभा स्तर पर नागरिकों में वितरण करायें, ताकि नागरिकगण भारतीय औषधि पद्धति आयुर्वेर्दिक घरेलू उपयोग की परम्परागत चीजों के उपयोग पर बल देते हुए अपनी प्रतिरोधात्मक क्षमता को मजबूत कर कोविड-19 के संक्रमण से बचाव करें।

जिलाधिकारी एस0 राजलिंगम ने जिले के अधिकारियों को निर्देशित किया है कि कोविड-19 के संकट के दौरान खुद की देखभाल एवं रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए आयुष मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा बताए गए उपायों का सूचना विभाग की मदद से व्यापक प्रचार प्रसार करना सुनिश्चित करें, ताकि हर आम व खास आयुष मंत्रालय द्वारा दिये गए सुझावों से लाभान्वित हो कर कोविड-19 वायरस से अपने को बचा सके।


अपने शहर के एप को डाउनलोड करने के लिए क्लिक करे |  हमें फेसबुक,  ट्विटर,  और यूट्यूब पर फॉलो करें|
loading...
error: Content is protected !!