पीएम मोदी के संबोधन के बाद मनीष तिवारी ने किया ट्वीट, कहा- पीएम मोदी का भाषण सिर्फ हेडलाइन हंटिंग है

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को देश के नाम अपने संबोधन में कोरोना वायरस के मद्देनजर 20 लाख करोड़ रुपये के विशेष आर्थिक पैकेज का एलान किया। उन्होंने कहा कि ये राशि देश की जीडीपी का करीब दस फीसदी है। उन्होंने कहा कि इससे भारत आत्म निर्भर बनेगा । इस पर कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने कहा कि पीएम मोदी ने सिर्फ हेडलाइन बनाने की कोशिश की है सिर्फ नबंर दिया है, ब्योरा नहीं दिया है।

मनीष तिवारी ने ट्वीट करते हुए कहा, ‘’पीएम मोदी के भाषण को एक लाइन में समेटा जाए तो ये- हेडलाइन हंटिंग है । एक संख्या है बीस लाख करोड़, कोई ब्योरा नहीं है।’’

बता दें कि पीएम मोदी ने करीब 33 मिनट तक देश को संबोधित किया । आर्थिक पैकेज का एलान करते हुए उन्होंने कहा, ‘’ इन सबके जरिए देश के विभिन्न वर्गों को, आर्थिक व्यवस्था की कड़ियों को, 20 लाख करोड़ रुपए का संबल मिलेगा, सपोर्ट मिलेगा. 20 लाख करोड़ रुपए का ये पैकेज, 2020 में देश की विकास यात्रा को, आत्मनिर्भर भारत अभियान को एक नई गति देगा । ये आर्थिक पैकेज हमारे कुटीर उद्योग, गृह उद्योग, हमारे लघु-मंझोले उद्योग, हमारे MSME के लिए है, जो करोड़ों लोगों की आजीविका का साधन है, जो आत्मनिर्भर भारत के हमारे संकल्प का मजबूत आधार है ।

पीएम मोदी ने कहा, ‘’ ये आर्थिक पैकेज देश के उस श्रमिक के लिए है, देश के उस किसान के लिए है जो हर स्थिति, हर मौसम में देशवासियों के लिए दिन रात परिश्रम कर रहा है । ये आर्थिक पैकेज हमारे देश के मध्यम वर्ग के लिए है, जो ईमानदारी से टैक्स देता है, देश के विकास में अपना योगदान देता है । ’’

वहीं पीएम मोदी के संबोधन पर कांग्रेस के प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट करते हुए कहा, ‘’माननीय प्रधानमंत्री, आपने सम्बोधन से मीडिया को ख़बर बनाने को हेडलाइन तो दे दी पर देश को मदद की हेल्पलाइन का इंतज़ार है । वादे से हक़ीक़त तक का सफ़र पूरा होने का इंतज़ार रहेगा । घर वापसी करते लाखों प्रवासी मज़दूर भाईयों को राहत, घाव पर मरहम, आर्थिक सहायता व सुरक्षित घर लौटने की मदद पहली ज़रूरत है. उम्मीद थी आज आप इसकी घोषणा करेंगे । देश राष्ट्र निर्माता मज़दूरों व श्रमिकों के प्रति आपकी निठुरता व असंवेदनशीलता से निराश है ।।

इसके अलावा छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल ने कहा, ‘’वित्तीय पैकेज की घोषणा पहले की जानी चाहिए थी । यह स्पष्ट नहीं है कि मजदूरों, किसानों, व्यापारियों और एमएसएमई के पैकेज में क्या है । कल वित्त मंत्री इसे स्पष्ट करेंगी, तभी यह साफ होगा कि किस क्षेत्र को क्या मिल रहा है ।’’


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