एक तो बिना आदेश के फर्राटा भर रही सवारी गाड़ी, ऊपर से बेहिसाब ले रहे किराया

आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)

सोनभद्र । देशभर में कोरोना वायरस के चलते लॉकडाउन है। पब्लिक ट्रांसपोर्ट पूरी तरह बंद है। यहां तक कि देश के इतिहास में पहली बार ट्रेनों के पहिए भी थम गए हैं। मगर जो लोग रोजमर्रा जिन वाहनों से सफर करते हैं उनके लिए परेशानी बनी हुई है । सिर्फ दुपहिया और चार पहिया वाहनों को चलने की इजाजत मिली है। ऑटो या जीप जैसी सवारी गाड़ियों को अभी तक चलने की अनुमिति नहीं मिली लेकिन कुछ ऑटो चालक या तो शीशे पर मरीज लिखकर या माल ढोने के नाम पर निडरतापूर्वक सवारियाँ ढो रहे हैं और इसी की आड़ में सवारियों से बेहिसाब किराया वसूल रहे हैं। एक तो लॉक डाउन की मार ऊपर से ऑटो या डग्गामार वाहन द्वारा किराए की मार से लोग आजिज आ चुके हैं।

चोपन से राबर्ट्सगंज ऑटो से आ रहे एक सवारी ने बताया कि चोपन से राबर्ट्सगंज का 50 रुपये किराया लिया गया जबकि बढ़ौली चौराहे से लोढ़ी तक 30 रुपये लिया जा रहा।

बहरहाल सड़कों पर बिना आदेश की फर्राटा भर रही सवारी गाड़ियाँ जहाँ लॉक डाउन का उल्लंघन कर रही हैं तो वहीं लोगों से ज्यादा किराया वसूल कर उनकी मजबूरी का फायदा उठाते हुए उन्हें ठगने का काम भी कर रहे हैं?

ट्रैफिक पुलिस से लेकर कोतवाली पुलिस का कहना है कि सवारी वाहनों को अभी चलने की अनुमति नहीं मिली है लेकिन सवाल यह उठता हैं कि सड़क पर फर्राटा भर रही सवारी गाड़ियों को रोकने और बेहिसाब किराया वसूलने की जिम्मेदारी आखिर किसकी है?


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