लॉकडाउन के बीच बेखौफ चल रहा रेत का खेल, कहीं खेल का शिकार न हो जाए जिला

घनश्याम पांडेय (संवाददाता)

चोपन । कोरोना जैसी वैश्विक महामारी में जहां पूरा देश जिंदगी बचाने में जुटा है वहीं दूसरी तरफ जनपद सोनभद्र के जुगैल थाना क्षेत्र में खनन माफिया बालू के अवैध कारोबार को बढ़ाने में जुटे हुए हैं। जुगैल क्षेत्र हमेशा से अवैध खनन के लिए बदनाम रहा है । इस क्षेत्र में खनन माफिया स्थानीय वन व पुलिस कर्मियों की साठगांठ से अपने गोरखधंधे को चलाते हैं । दरअसल दुरूह क्षेत्र होने की वजह से यहां नेटवर्क की समस्या बनी रहती है । स्थानीय लोग भी नेटवर्क के कारण कभी-कभी लाचार हो जाते हैं औऱ इसी का फायदा वहां का स्थानीय प्रशासन लेता है ।
लेकिन इस वैश्विक महामारी के बीच ज़ब सब कुछ लॉकडाउन में बन्द है, बालू का अवैध कारोबार पनपने से पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है । लोगों को यह समझ में नहीं आ रहा कि जब इन दिनों बालू की लोडिंग इस क्षेत्र से बन्द है तो आखिर यह बालू आ कहाँ से रहा है ।
बताया जा रहा है कि रात 9 बजे से 2 बजे तक लाल रेत का खेल चलता है । सूत्रों की माने तो इन दिनों चौरा, बिजौरा व सेमिया, बरगवां, क्षितिक पूर्वा में टीपरों की लाइन लग जाती है और फिर शुरू होता है रेत का खेल । इस खेल में जिस तरह से मजदूरों को बुलाकर लोडिंग कराया जाता है और जमावड़ा लगता है, यह खेल कहीं कोरोना जैसी महामारी में भारी न पड़ जाए ।
इन दिनों भले ही लॉक डाउन में लोगों के घर न बनते हों मगर उन्हें मालूम है कि लॉक डाउन के बाद सब कुछ महंगा हो जाएगा । इस कारण वे अपना जुगाड़ बनाने में जुटे हुए हैं और इसी का फायदा खनन माफिया उठाते हैं ।

ऐसा नहीं कि यह खेल जुगैल थाने या फिर वन विभाग से छिपा है। मगर पूछे जाने पर दोनों एक दूसरे पर खनन करवाने का आरोप लगाते हैं । लॉक डाउन के बीच चल रहे इस खेल को लेकर जब जुगैल इंस्पेक्टर से बात की गई तो उनका कहना है कि यह सही है कि चोरी-छिपे बालू की लोडिंग हो रही है । एक दिन बिजौरा से मिली सूचना पर फोर्स पहुंची मगर जाने से पहले टीपर मौके से जा चुकी थी ।
जुगैल पुलिस की दलील है कि थाना बहुत दूर पड़ जाता है जिसके कारण खनन माफिया इसका लाभ उठाकर भाग जाते हैं।
वहीं वन विभाग के दरोगा का कहना है कि बिजौरा में अवैध खनन किये जाने की सूचना मिल रही है मगर रात होने के कारण बिना फोर्स के जाना ठीक नहीं, इसलिए उन्होंने इसकी सूचना रेंजर ओबरा को दे दिया है ।
कुल मिलाकर रेत के इस खेल को लेकर जानकारी सभी को है मगर कार्यवाही या इसे रोकने को लेकर सभी के पास अपनी-अपनी दलीलें हैं ।
बहरहाल सरकार चाहे किसी की भी हो सोनभद्र में अवैध खनन हमेशा से एक बड़ा मुद्दा रहा है । वर्तमान समय में जहां उच्चाधिकारी जिले को कोरोना मुक्त रखने के लिए दिन-रात मेहनत कर रहे हैं वहीं
अवैध खनन जिले को कहीं दागदार न कर दे ।


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