महात्मा गांधी ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना मजदूरों के लिए बनी संजीवनी

अरविंद चौबे (संवाददाता)

मारकुंडी । महात्मा गांधी ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना मजदूरों के लिए संजीवनी बन गयी है।कार्य स्थल पर मजदूरों की उमड़ रही भारी भीड़ को मजदूरों को सम्भालने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। कोविड 19 के कारण पूरा देश लाकडाउन हो गया। जिसके कारण छोटे बड़े सभी संस्थान बंद होने से बेरोजगारी की समस्या खड़ी हो गयी। इससे निजात पाने के लिए गांव में चल रहे मनरेगा कार्य महत्वपूर्ण कारक साबित हो रहे। मजदूरों को रोजगार देने के उद्देश्य से सभी गांवों में मनरेगा से कार्य कराने का आदेश जारी कर दिया। प्रधान व सचिव ने मस्टररोल निकालकर कार्य प्रारम्भ करा दिया। लेकिन जिस मनरेगा पर काम कराने के लिए मजदूरों को खोजना पड़ता था। अब उन स्थानों पर मजदूरों की भीड़ उमड़ रही है। इसी तरह का नजारा महुआंव कला गांव में चल रहे चकरोड निर्माण के दौरान देखने को मिला। 133 मजदूर कार्य करते मिले इतने मजदूरों के एक साथ कार्य कराने व सोशल डिस्टेंस का पालन करना प्रधान के लिए टेढ़ीखीर साबित हो रहा है। ग्राम प्रधान परमेश्वर यादव ने कहां कि शासन का आदेश है कि सभी मजदूरों को मनरेगा कार्य में काम दिया जाय इसी के कारण मजदूरों की भीड़ है। और ग्राम प्रधान परमेश्वर यादव ने कहां कि सोशल डिस्टेंस का पालन करते हुए कार्य कराया जा रहा है।


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