टीम11 की बैठक में सीएम योगी ने किया स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा

■ टीम – 11 की बैठक में सीएम योगी ने किया स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा, कोरोना से निपटने के साथ ही प्रदे़श में बेहतर इमरजेंसी स्वास्थ्य सेवाएं देने में युद्घस्तर पर जुटी योगी सरकार

■ इमरजेंसी सेवाओं के लिए 75 ज़िलों के सरकारी अस्पतालों में 23 हज़ार बेड के साथ 2481 विशेषज्ञ डाक्टरों की तैनाती

■ इमरजेंसी सेवाओं के लिए ही 75 ज़िलों के 660 निजी अस्पतालों में एक लाख से अधिक बेड का इंतज़ाम

■ कोविड के लिए लेवल -1, लेवल – 2 और लेवल – 3 के अस्पतालों में 41 हज़ार आईसोलेशन बेड का भी इंतज़ाम

■ कोविड अस्पतालों में 1250 से ज़्यादा वेंटिलेटर की व्यवस्था के साथ ही 21 हज़ार से ज़्यादा क्वारंटीन बेड की व्यवस्था

■ इमरजेंसी सेवाओं में लगाए गए डाक्टरों, पैरामेडिकल स्टाफ़ को इंफ़ेक्शन से बचाने की दी गई विशेष ट्रेनिंग

■ स्वास्थ्य से जुड़ी सामान्य समस्याओं के समाधान के लिए ई-परामर्श की व्यवस्था लागू, जारी हुआ टोल फ़्री नंबर

■ ज़िलों में दी गई टेली कंसल्टेंसी की सुविधा, जनपद स्तर पर समाचार पत्रो में जारी हुआ टेलीफोन पर चिकित्सीय परामर्श देने वाले डाक्टरों का विवरण

■ Team11 की बैठक में आज मुख्यमंत्री ने चिकित्सा सेवाओं को और बेहतर करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि अभी यूपी में दो प्रकार के अस्पताल हैं कोविड नॉन kovid

■ प्रदेश में 41000 से अधिक आइसोलेशन बेड कोरोना के लिए स्थापित किए जा चुके हैं। 1250 से अधिक ventilator बेड, 21000 क्वारंटाइन बेड रेडी हैं। इमरजेंसी सेवाओं के लिए आम आदमी आता है तो उसके लिए गवर्नमेंट अस्पताल 5 जनपदों में 23000 से अधिक बेड 2481 से अधिक विशेषज्ञ डॉक्टर तैयार मिलेंगे। 660 निजी अस्पतालों में भी एक लाख से अधिक बेड इमरजेंसी सेवा के लिए तैयार है। मेडिकल इन्फेक्शन कम करने के लिए स्वास्थ्य कर्मियों को ट्रेनिंग दी गई है। हर जनपद में इमरजेंसी सेवाएं शुरू हो चुकी है। ई परामर्श शुरू हो चुका है। उसके लिए टोल फ्री नंबर जारी किए गए हैं। टेलीकंसल्टेशन की हर जिले में व्यवस्था है। सामान्य व्यक्ति उस पर फोन कर उसका लाभ ले सकता है डॉक्टरों से सलाह ले सकता है।


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