“कोरोना” के आगे ‘माफ’ करने की उठ रही मांग

मनोहर गुप्ता (संवाददाता)

– सोशल मीडिया पर जता रहे लोग अपनी इक्छा
– ‘एफबीटी’ माफ करने की अपील
लॉक डाउन के चलते लॉक है लोगो की अर्थव्यवस्था

डीडीयू नगर। कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने व इसके प्रभाव को परास्त करने के लिए इस लॉक डाउन में देश है।कोरोना के कहर से बचने के लिए सामाजिक शारीरिक दूरी अनिवार्य किया गया है। लॉक डाउन के 40 दिन का वनवास समाप्त हो गया।अब तीसरे चरण का लॉक डाउन जारी है। इतने दिनों में लोगों की अर्थव्यवस्था टूटने लगी है। अब लोग ‘कोरोना ‘के आगे ‘एफबीटी’ माफ करने की अपील कर रहे हैं।यह आवाज अभी सोशल मीडिया पर ही दम भर रही है। एफ (फीस ) बी ( बिल ) टी ( टैक्स) शामिल है।
कोरोना का कातिलाना कहर दुनिया के अधिकांश देशों में टूट रहा है। भारत भी कोरोना के काल से बचा नहीं है।सोमवार को यहां लगभग 40 हजार के पार संक्रमितों की संख्या चली गई है। सरकार ने इसके रोकथाम के लिए देश में तालाबंदी की है। 40 दिनों का दो चरणों में लॉक डाउन का तीन मई को समाप्त हो गया।चार मई से दो सप्ताह का तीसरे चरण का तालाबंदी शुरू हुआ है। तीसरे चरण में कोरोना के असर के अनुसार राज्यों व जिलों में सहूलियत दी जा रही है।लेकिन यह सहूलियत लोगों को स्पष्ठ समझ नहीं आ रही है।केवल मदिरालय के लिए स्पष्ट हुआ है। देश में तालाबंदी की वजह से काम, रोजगार,व्यवसाय लोग नहीं कर पाए है।इससे लोगों की अर्थव्यवस्था पर असर पड़ रहा है। सरकार जरूरत मंदों की खातों में पैसे भेज रही है तो उन्हें भोजन व राशन मुफ्त दे रही है। लॉक डाउन से काम नहीं हो पा रहा है।लोग अब सरकार से माफ करने की अपील सोसिल मीडिया प्लेटफॉम पर कर रहे है। एफबीटी
(फीस ) बी ( बिल )टी ( टैक्स) को माफ करने की मांग रूपी अपील कर रहे हैं।जिसमें तीन महीने की स्कूल फीस,बिजली बिल ,कर ( जिस प्रकार) को माफ करने की बात हो रही है।लोगों का तर्क है कि इस दौरान लोगों के पास काम नहीं है। पूंजी को खाने में लगा रहे है। ऐसे में इस तरह की कदम सरकार को उठाना चाहिए।अब देखना है कि लॉक डाउन के बाद इस अपील पर कितना अमल होता है।


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