अस्थाई बने जेल की व्यवस्था भी जिला कारागार सोनभद्र अधीक्षक के हवाले

अरविंद चौबे (संवाददाता)

मारकुंडी । जिला कारागार सोनभद्र जहां पहले से कोरोनावायरस के महामारी के बचाव की सुरक्षा को लेकर लगभग 900 बंदियों की जिम्मेदारी थी। वहीं अब जिम्मेदारी व्यवस्था में अपने सुरक्षा कर्मियों द्वारा नये अस्थाई जिला कारागार ‌की व्यवस्था की जिम्मेदारी से सुरक्षा में लगे बंदी रक्षकों की समस्याये आवागमन के प्रति बढ़ गई है।
प्राप्त सूचना के अनुसार गत दिनों ओबरा में 16 जमाती मिलने से जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया था। वहीं वैधानिक कार्रवाई करते हुए प्रशासन ने जिला कारागार बंदियों के बीच न रख कर ओबरा में ही अस्थाई कारागार बना कर सभी जमातियों को रखने की व्यवस्था की गयी। जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी आन्तरिक व्यवस्था जिला कारागार सोनभद्र के अधीक्षक मिज़ाजी लाल को सौंप दिया गया है और बाहरी व्यवस्था पुलिस के हवाले कर दिया गया है। जिससे जेल अधीक्षक की अब दोहरी जिम्मेदारी बढ़ गई है।
इस सम्बन्ध में मिजाजी लाल जेल अधीक्षक ने बताया कि अस्थाई जेल की व्यवस्था में हमारे यहां के जिम्मेदार एक हेड बन्दीरक्षक के साथ 6 और बन्दीरक्षक लगाये गये है।और सभी जमातियों पर अपराध अधिनियम के तहत धारा 128, 269, 270 ipc तथा तीन महामारी अधिनियम, 30 अप्रैल को ओबरा थाने में पंजीकृत किया गया था और जिलाधिकारी के निर्देश पर एक मजिस्ट्रेट की नियुक्ति की गई है।


अपने शहर के एप को डाउनलोड करने के लिए क्लिक करे |  हमें फेसबुक,  ट्विटर,  और यूट्यूब पर फॉलो करें|
loading...
error: Content is protected !!