बैंक खाताधारकों ने सोशल डिस्टेंस के लिए अपनाया नया तरीका, कागज का बना रहे लाइन

पी0 के0 विश्वकर्मा (संवाददाता)

■ खाता बंद होने से उत्पन्न हुआ परेशानी- खाताधारक

कोन । स्थानीय इकलौता इलाहाबाद बैंक परिर्वतित नाम इंडियन बैंक में इन दिनों अधिकांश खाताधारकों को खाता बंद होने से फजीहत बनी हुयी है। जिसे सुधार कराने के लिए दूरदराज गांवों से सुबह से ही ग्राहक आकर बैंक पर लाइन में खड़े देखे जाते है।हालांकि कोरोना संक्रमण को देखते हुये पुलिस व बैंक कर्मियों के सख्ती के कारण अब लोग लाइन लगाने का नया तरीका अपना रहे है। शनिवार को सुबह से ही खाताधारक बैंक पर पहुंचकर बैंक गेट से अपने केवाईसी के कागजातों को जो जैसे आते उसी क्रम मे कुछ-कुछ दूरी पर अपने-अपने कागजातों को जमीन में रखते हुये लम्बी कतार बनती गयी, जो अपने-अपने कागजों की निगरानी भी आसपास छाये में बैठकर करते रहे। बैंक खुलते ही खाताधारक उसी क्रम में एक-एक कर जमा करते देखा गया। खाताधारकों ने बताया कि इस प्रकार से आपस मे सोशल डिस्टेंस के साथ-साथ चिलचिलाती धूप से भी बचत हो रही है।परन्तु कागज का उड़ने का डर बना रहता है।

बतादें कि जहां पूरे देश में लॉक डाउन है उसी क्रम में ज्यादातर लोगों का खाता बंद होना फजीहत का कारण बना हुआ है।
इस संबंध मे शाखा प्रबंधक चंदन कुमार ने बताया कि जिन खाताधारकों का केवाईसी मे गड़बड़ी है उसी का खाता बंद है सभी का नही। बंद खाताधारकों को तिथिवार टोकन दे दिया गया है ताकि भीड़ न लग पाये और अफवाहों से बचे सभी का पहले वाला ही खाता, पासबुक, एटीएम यथावत काम करता रहेगा।


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