बिना देरी के सभी मजदूरों को घर लाने की व्यवस्था की जाए : अनिल पासवान

विनोद कुमार (संवाददाता)
* मजदूर दिवस पर मनरेगा मजदूरों को किया सम्बोधित

शहाबगंज । लाॅकडाउन में भी लगातार भाकपा (माले),खेत ग्रामीण मजदूर सभा व आल इंडिया सेंट्रल काउंसिल ऑफ ट्रेड यूनियन्स (ऐक्टू) द्वारा आंदोलन चलाए जाने का ही नतीजा है सरकार का प्रवासी मजदूरों को घर लाने का निर्णय।उक्त बातें शुक्रवार को मजदूर दिवस के अवसर पर भाकपा (माले) राज्य कमेटी के सदस्य तथा अखिल भारतीय खेत मजदूर सभा के राष्ट्रीय सचिव अनिल पासवान ने उसरी गाँव में मनरेगा के तहत हो रहे काम पर मौजूद मजदूरों को सम्बोधित करते कही। माले नेता ने कहा कि अब बिना किसी देरी के सभी प्रवासी मजदूरों को वापस लाने की व्यवस्था की जानी चाहिए। लेकिन इस मामले में यह देखा जा रहा है कि केंद्र सरकार दिशा-निर्देश जारी करके अपने काम से मुक्त सी हो गई है। ऐसा नहीं हो सकता है।केंद्र सरकार मजदूरों की घर वापसी के लिए तत्काल सेनेटाइज रेलों की व्यवस्था करे। इस दौरान एक मई को मजदूर आंदोलनों में शहीद नेताओं कार्यकर्ताओं के प्रति 1 मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गई।

इस दौरान श्यामलाल पाल, मेवालाल पासवान, सुनील खरवार, चंद्रशेखर पासवान, मंजू देवी, आरती देवी, रमावती देवी मिलन पासवान आदि मौजूद थे। वहीं भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी)भूसी ब्रांच द्वारा भोड़सर गाँव मे सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए मजदूर दिवस मनाया गया। जिला किसान सभा के जिलामंत्री लालचन्द एडवोकेट ने झंडारोहण किया।

इस दौरान दुनियां के मेहनतकशों एक हो,शिकागो के अमर शहीदों को लाल सलाम, जातिवाद साम्प्रदायवाद मुर्दाबाद, पूँजीवाद मुर्दाबाद आदि नारे लगाए गए साथ ही शहीद बेदी पर लोगों ने माल्यार्पण की गयी।इस अवसर पर धर्मराज साहनी, जनवादी महिला समिति की जिलाध्यक्ष लालमनी विश्वकर्मा, लालचन्द सिंह एडवोकेट आदि मौजूद थे।


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