‘कोरोना ‘ ने बदल दी त्रिपल” डी” की दरकार लॉक डाउन की वजह से दूध,दवा व दारू का खेल

मनोहर कुमार (संवाददाता)

– कम हो रही इसकी खपत

डीडीयू नगर। कोरोना वायरस के संक्रमण में हर शख्स को दहशत में ला दिया है। भारत में कोरोना मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। इसका एक मात्र उपचार सामाजिक दूरी है।सामाजिक दूरी कायम रखने के लिए देश में लॉक डाउन है। लॉक डाउन से हर गतिविधियों पर विराम लगा है। लोग कुछ चीजों के लिए परेशान हैं। यह उपलब्ध है भी न ही भी।इसमें त्रिपल डी की दरकार शामिल है।बाजार में दूध नहीं है। दवा की दुकान है ग्राहक कम है। दारू की शौकीनों के लिए दुकान बंद है।
कोरोना वायरस के संक्रमण से पूरा संसार विचलित है।दुनिया के अधिकांश देश के नागरिक वायरस से संक्रमित हो रहे हैं।भारत जैसे देश मे भी संक्रमितों की संख्या में लगातर इजाफा हो रहा है। यह आंकड़ा 34 हजार के पार चला गया है। इसमें कुछ मरीज उपचार से ठीक भी हो रहे हैं।बनारस जैसे शहर में संक्रमित मिल रहे हैं।राहत की बात है चन्दौली जनपद में कोरोना संक्रमित नहीं है।सरकार ने दो चरणों मे 40 दिन का लॉक डाउन किया है।इसकी सीमा तीन मई तक है।इसके आगे क्या होंगा यह संशय बरकरार है। इस दौरान लोगों के शौक पर कोरोना ने असर डाल दिए है। इसमें शामिल हों त्रिपल ” डी ‘। यह दूध,दारू,व दवा। लॉक डाउन से पहले बाजार में चाय की दुकानों पर दूध भरपूर होता था।शौकीन यहां आकर गर्म दूध का सेवन करते थे।इसके अलावा दुधमण्डी सजती थी।लग्न में इसकी किल्लत हो जाती थी। दवा भी एक महत्वपूर्ण चीज है।लॉक डाउन के मरीजो की संख्या में कमी आई है। अस्पताल, जांच घर व दवाखाना मरीजों से भरे रहते थे।लेकिन अब सभी जगह शांति है।दवा की दुकान पर ग्राहक नहीं हैं ।बनारस में दवा मंडी बन्द होने के बाद इसकी आवक कम है।लॉक डाउन के बाद से शराब की दुकान बंद है।इसके तलबगार इधर उधर भटके फिर रहे हैं। इसकी तस्करी पर भी लगाम लगा है। सामाजिक दूरी की वजह से दुकान बंद है।इसकी दरकार और बढ़ गई है।


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