द टेंपल आफ ह्यूमन डिग्निटी ने पालघर मॉब लीचिंग पर लिखा राष्ट्रपति को पत्र

आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)

सोनभद्र । गत 16 अप्रैल को पालघर के कोसा गांव में महाराष्ट्र राज्य में हुई दो जूना अखाड़े के साधुओं और एक ड्राइवर की हत्या करीब 500 लोगों द्वारा पुलिस की मौजूदगी में कर दी गई, यह अब तक हिंदू संतों पर हुई सबसे बड़ी माब लिंचिंग है। 16 अप्रैल की इस घटना को वहां के प्रशासन द्वारा छुपा कर रखा जाता है।

घटना को संज्ञान लेते हुए (द टेंपल आफ ह्यूमन डिग्निटी) मानवाधिकार संस्था के जिलाध्यक्ष नवल बाजपेई के अनुसार राष्ट्रीय अध्यक्ष बंटी श्रीवास्तव और राष्ट्रीय महामंत्री राकेश पांडेय ने महाराष्ट्र में कानून व्यवस्था के बिगड़ते हालात को देखते हुए भारत के राष्ट्रपति, राष्ट्रीय मानवाधिकार, प्रधानमंत्री, एवं महाराष्ट्र गवर्नर को पत्र लिखकर तुरंत वहां राष्ट्रपति शासन या मिलिट्री शासन लगाने की गुहार लगाई है। इस घटना में लाक डाउन के कानून का उल्लंघन भी किया गया है। ज्ञात हो कि महाराष्ट्र में करोना संक्रमित सबसे ज्यादा है उसे भी संज्ञान में लेकर मानवाधिकार संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष बंटी श्रीवास्तव ने एक पत्र गवर्नर और राष्ट्रपति को दिया था। मानवाधिकार संस्था ने जोर-शोर से इस उपरोक्त घटना पर आवाज उठाई है और राष्ट्रीय महामंत्री राकेश पांडेय ने जूना अखाड़े को भी अपनी कार्रवाई से अवगत कराया है मानवाधिकार संस्था के सोनभद्र जिला अध्यक्ष नवल बाजपेई ने राष्ट्रीय अध्यक्ष बंटी श्रीवास्तव के हवाले से बताया कि साधुओं पे माब लिंचीग की घटना 16 अप्रैल की है।

आज पूरे भारत का हिंदू पालघर साधुओं की हत्या पर असलियत जानने को आतुर है और यह उसका मौलिक अधिकार भी है इसके पीछे बड़ी साजिश है जिसके तार दिल्ली तक जुड़े हो सकते हैं इसलिए मानवाधिकार संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष बंटी श्रीवास्तव ने इस पर सीबीआई जांच की मांग की है। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि अगर इस पर तुरंत कार्रवाई नहीं हुई तो हमारी मानवाधिकार संस्था (द टेंपल आफ ह्यूमन डिग्निटी) यूनाइटेड नेशन आर्गेनाइजेशन तक अपनी आवाज बुलंद करेगी।


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