मौसम के तेवर से बढ़ी किसानों की परेशानी

फ़ैयाज़ खान मिस्बाही(ब्यूरो)

गाजीपुर। कई दिनों से मौसम का बदलना किसानों के माथे पर चिन्ता की लकीर बढ़ा दिया है।पिछले तीन दिनों से बदला मौसम किसानों को डरा रहा है। कभी बादल तो कभी बूंदाबांदी से फसलों को नुकसान होने की संभावना है। सोमवार को दोपहर को तड़प-गरज के साथ हुई बूंदाबांदी ने किसानों की परेशानी और बढ़ा दी। वहीं कुछ क्षेत्रों में रविवार की रात हुई तेज बारिश से खेतों में रखी गेहूं की फसल भींग गई। गनीमत यही रही कि अधिकतर क्षेत्रों में हल्की बूंदाबांदी ही रही। इससे सब्जी के पौधों को भी नुकसान पहुंचेगा।बीते कुछ दिनों से मौसम का मिजाज समझ में नहीं आ रहा है। रात में दो दिनों से होने वाली हल्की बूंदाबांदी ने गेहूं की मड़ाई का खतरा पैदा कर दिया। हालांकि अधिकतर क्षेत्रों में गेहूं की मड़ाई हो चुकी है लेकिन कुछ क्षेत्रों में मड़ाई का काम बाकी है। उसे लेकर मौमस को देखते हुए किसानों के माथे पर चिता की लकीरें देखी जा रही हैं। *खानपुर :* बेमौसम की बरसात ने किसानों के अरमानों पर पानी डाल दिया। पिछले तीन दिनों से हल्की बूंदाबांदी से किसानों में खेतों से अनाज समेटने की गति तेज हो गई थी। भोर में बादलों ने जमकर पानी बरसाया और खेतों में पड़े गेंहू के काटकर रह गये फसलों को पानी से सराबोर कर दिया। मड़ाई के बाद बाहर रखे भूसा भी भींगकर बर्बाद होने की कगार पर पहुंच गया है। सिधौना के जिया यादव कहते हैं कि इस साल प्रकृति और पशुओं ने मिलकर किसानों को पूरी तरह बर्बाद करने की ठान लिया है। घुमंतू पशुओं, भारी बारिश, ओलावृष्टि के बाद तैयार फसलों में उत्पादन की भारी गिरावट और अब बरसात से किसानों को पूरी तरह सकते में डाल दिया है। *सेवराई तहसील* क्षेत्र के हैदर खान ने बताया कि विभिन्न गांवों में रात हुई वर्षा से किसानों के करीब सैकड़ों एकड़ की खड़ी फसल खेतों में भीग गई है। तहसील क्षेत्र के महना, खड़वल, भदौरा, फरीदपुर, मौजपुर, गोड़सरा, मनिया, रक्सहां समेत दर्जनों गांवों में किसानों की फसल कट कर बोझा बांधकर खेतों में ही पड़ी हुई है तब तक रात वर्षा से किसानों के गेहूं की फसल खेतों में ही भीग गई है जिसको लेकर किसान बेहद चितित नजर आ रहे हैं।


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