छोटे रोज़ेदार भी बड़ों से पीछे नहीं

फ़ैयाज़ खान मिस्बाही (ब्यूरो)

ग़ाज़ीपुर । इतनी शिद्दत की गर्मी और उसमें रोज़ा रखना। ऐसे वक्त में जब बड़े लोगों के पसीने छूट जा रहे हैं ऐसे में छोटे बच्चों का रोज़ा रखना बहुत ही हिम्मत और तारीफ के लायक है।माहे रमजान को लेकर बड़े और बच्चों में भी जोश देखा गया माहे रमजान का रोजा नन्हे रोजेदारों ने भी रखा माहे रमजान एक पवित्र महीना है जिसमें अल्लाह को राजी करने के लिए उसके बंदे रोजा रखते हैं और रहमत मगफिरत जहन्नम से निजात की दुआ करते हैं माहे रमजान में अल्लाह भी रहमतों के दरवाजे खोल देता है इस माह में गरीबों यतीम ओं की मदद सदके और जकात से लोग करते हैं और एक दूसरे को मुबारकबाद पेश करते हैं तरावीह पढ़ते हैं कुरान की तिलावत करते हैं इस माह में हर नेकी का सवाब 70 गुना बढ़ जाया करता है चुकी इस साल लाकडाउन है इसलिए लोग मस्जिदों में इबादत न करके अपने घरों में इबादत कर रहे हैं जवानों के जोश में बच्चों का जोश भी कम नहीं मौलाना तनवीर रजा के 6 साल के बच्चे आतिर रजा और 8 साल की बच्ची अरीशा तनवीर ने भी रमजान के रोजे रखे और अल्लाह से मुल्क मे अमन और कोरोना महामारी बीमारी से निजात की दुआ की बच्चों को सभी ने मुबारकबादीया और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की।मुहम्मदाबाद के मोहल्ला दाउदपुर के CRPF inspector ऐहसान खान के सात साल के बेटे ज़यान खान ने भी रोज़ा रखा।इतनी छोटी उम्र 15 घंटे का रोज़ा रखना जिसमे बड़े लोगों के लिए मुश्किल हो रहा है ऐसे में इन छोटे बच्चों का रोज़ा रखना काफी सराहनीय है।


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