रमजान के पवित्र महीने में मोहम्मद आजम खां और उनके परिवार को धार्मिक फर्ज की अदायगी का पूरा अवसर मिलना चाहिए- अखिलेश यादव

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने वरिष्ठ समाजवादी नेता एवं लोकसभा सदस्य मोहम्मद आजम खां, उनकी पत्नी एवं बेटे को माहे रमजान के पवित्र दिनों में इबादत और रोजे का फर्ज अदा करने के लिए जेल से रिहाई कर सदाशयता का परिचय देने का आग्रह किया है।
श्री यादव ने कहा है कि मोहम्मद आजम खां प्रदेश के प्रतिष्ठित राजनेता है। वे कई बार मंत्री और विधायक रह चुके हैं। वे राज्यसभा के सदस्य रहे हैं। वर्तमान में वे रामपुर लोकसभा क्षेत्र से सांसद है। मौलाना मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय जैसा उच्च शैक्षणिक संस्थान उन्हीं की देन है। उनकी पत्नी भी विधायक है। दोनों बीमार है। आजम साहब का बेटा श्री अब्दुल्ला आजम भी विधायक रहे है। सरकार इन सबके साथ जो व्यवहार कर रही है वह अशोभनीय है। अखिलेश यादव ने कहा है कि मोहम्मद आजम खां के प्रति सत्तादल एवं उसकी सरकार विद्वेषपूर्ण व्यवहार कर रही है। आजम खां साहब पर सरकारी इशारे पर तमाम फर्जी मुकदमें दर्ज किए गए हैं और उन्हें जेल में रखकर प्रताड़ित किया जा रहा है। सत्तादल उनकी छवि बिगाड़ने पर तुला है।
श्री यादव ने कहा कि भाजपा सरकार के आचरण से समाज का एक वर्ग बुरी तरह आतंकित है। उसमें असुरक्षा की भावना फैल रही है। आजम खां साहब भाजपा की बदले की भावना के शिकार हैं। भाजपा हर मामले को साम्प्रदायिक रंग देने का काम कर रही है। समाज में सद्भाव कायम रखने के लिए आवश्यक है सबके साथ न्याय होना चाहिए, यही शासन की सम्दृष्टि का परिचय होता है।

अखिलेश यादव ने कहा है कि रमजान के पवित्र महीने में लोग संयम, इबादत के साथ सबके भले के लिए दुआएं करते हैं। मोहम्मद आजम खां और उनके परिवार को भी देश के स्वतंत्र नागरिक के रूप में अपने धार्मिक फर्ज की अदायगी का पूरा अवसर मिलना चाहिए।0


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