ओबरा प्लांट की घटना में प्रवीण सिंह उर्फ बंटी गिरफ्तार, कांग्रेस ने की मृतक परिजन को मुवावजा देने की मांग उठायी

कृपा शंकर पांडेय (संवाददाता)

ओबरा । 17 अप्रैल को ओबरा थाना क्षेत्र के बिल्ली मारकुंडी में एक प्लांट के बाहर चोरी के आरोप में एक व्यक्ति को पीट-पीट कर मौत के घाट उतार दिया । चोरी के आरोप में जिस व्यक्ति को मौत के घाट उतार दिया गया उसके दो मासूम बच्चे हैं, पत्नी पहले ही गुजर चुकी है । इस निर्मम घटना के बाद बच्चों के सिर से मां-बाप दोनों का साया चला गया । घटना के बाद मृतक पिता की तहरीर पर उसी दिन पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया था । जिसके बाद सोमवार को पुलिस ने घटना में शामिल 4 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। मगर मुख्य आरोपी प्रवीण सिंह उर्फ बंटी की गिरफ्तारी न होने से पुलिस के ऊपर तरह-तरह के सवाल उठ रहे थे । मृतक के पिता ने भी सवाल खड़ा करते हुए कहा था कि बंटी सिंह की गिरफ्तारी नहीं हुई है । उनका कहना यह कि उन्हें तभी सुकून मिलेगा जब बंटी सिंह को कड़ी से कड़ी सजा होगी। पुलिस लगातार बंटी सिंह की जल्द गिरफ्तारी कर लेने की बात कह रही थी । लेकिन देर होने पर सवाल इसलिए उठ रहा था कि आखिर लॉकडाउन के दौरान जब चारों तरफ पुलिस का पहरा बैठा हुआ है तो बंटी सिंह कैसे नहीं मिल पा रहा ।
पुलिस के ऊपर भी लगातार दबाव बढ़ रहा था । आखिरकार आज पुलिस ने प्रवीण सिंह उर्फ बंटी पुत्र प्रेम कुमार सिंह निवासी 19/87 राममंदिर कॉलोनी थाना ओबरा, को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया ।

प्रवीण सिंह उर्फ बंटी की गिरफ्तारी से मृतक के पिता को जरूर सुकून मिला होगा । मगर जिस तरह से मृतक अपने पीछे दो बच्चों को छोड़ गया है उसके भरण पोषण व उसके जिंदगी का आखिर क्या होगा, यह एक बड़ा सवाल है ।

इस संबंध में कांग्रेस नेता आशु दुबे ने कहा कि मृतक परिवार के दो छोटे-छोटे मासूम बच्चे हैं । ऐसे में उनके भविष्य को देखते हुए प्रशासन को मुआवजा दिया जाना चाहिए । उन्होंने शासन स्तर से भी मांग की है कि इस घटना दुखद घटना को देखते हुए परिवारजन को 15 से 20 लाख रुपए मुआवजा दी जाय ताकि बच्चों के भविष्य संवर सके ।

पुलिस इस घटना का पटाक्षेप कर भले ही राहत की सांस ली हो मगर 17 अप्रैल की घटना को लेकर सवाल आज भी खड़ा है कि आखिर लॉकडाउन के दौरान लोग प्लांट पर लोग जुटे कैसे । तथा दिनदहाड़े लोग घटना को अंजाम देते रहे और स्थानीय पुलिस को भनक तक क्यों नहीं लग सकी ।
अब देखने वाली बात यह है कि इस गंभीर प्रकरण को लेकर ज़ब अधिकारी समीक्षा करेंगे तो क्या कार्यवाही करते हैं ।


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