वन माफियाओं की नजर अब हरे-भरे वृक्षों पर, बचे ठूँठ दे रहे प्रमाण

धर्मेन्द्र गुप्ता (संवाददाता)

विंढमगंज । विंढमगंज रेंज के अंतर्गत करहिया कंपार्टमेंट के मुड़मार टोले में साखू के पेड़ो पर वन माफियाओं की नजर है नतीजन साखू से आच्छादित जगल दिन प्रतिदिन उजाड़ होते जा रहें है। वन कर्मियों के उचित देखभाल के अभाव में करहिया के साथ ही साथ जोरकहु मे भी पेड़ो की कटान जोरों पर है। जोरकहु, घिचोरवा, करहिया के जंगलों में दर्जनों पेड़ो की ठूंठ इस बात की गवाह है।

जहां दो दशक पूर्व इन जंगलों के अंदर जाने से लोग डरते थे। वहीं अब वन विभाग के लापरवाही के कारण यह वन क्षेत्र विरान होता जा रहा है। घना जंगल होने के कारण जंगली जीव रहा करते थे और लोग जंगल में जाने से डरते थे, पर आए दिन जंगल कटने से जंगली जानवर भी समाप्त होने के कगार पर हो गए जिसके कारण लोगों का डर समाप्त हो गया। जोरकहु की पहाड़ी पर गई खैर का पेड़ काटे गए हैं। साथ ही साथ जोरकहु मे भी विभिन्न प्रजाति के पेड़ों को काटा जा रहा है।करहिया के मुड़मार में तो साखू के भारी भरकम पेड़ो पर तो वन तस्करों की बुरी नजर यहां के कई साखू के भारी भरकम पेड़ो का कटान कर उसके ठूंठों को जला दिया जाता है।

प्रभागीय वनाधिकारी रेनुकूट का ध्यान आकृष्ट कराकर कर कटान में लिप्त लकड़ी तश्करों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई किये जाने की मांग किया है।

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