“कोरोना” ने रोक दी लोगों के ‘जीडीपी’ की रफ्तार

मनोहर कुमार (संवाददाता)
– लॉक डाउन से ग्रोथ, डेवलपमेंट व प्रोग्रेस का ठप
– सामाजिक दूरी बन गई लोगों की मजबूरी

डीडीयू नगर। कोरोना वायरस ने देश के विकास की ही रफ्तार पर रोक नहीं लगाए है।बल्कि आम लोगों के जीवन की ‘जीडीपी’ पर भी विराम लगा दिया है। 40 दिन के लॉक डाउन का प्रभाव दिखने लगा है। घरेलू बजट पर असर हो रहे हैं। लॉक डाउन व सामाजिक दूरी ने लोगों के समक्ष संकट खड़ा कर दिया है। ‘ जीडीपी’ यानी ग्रोथ ( वृद्धि), डेवलपमेंट(विकास), प्रोग्रेस( प्रगति) की रफ्तार पर लॉक डाउन ने लगाम लगा दिया है। देश मे कोरोना वायरस से संक्रमितों की संख्या इजाफा हो रहा है।
वैश्विक महामारी का रूप धारण कर पूरे विश्व में दहशत का पर्याय बन कर सामने आये कोरोना वायरस से संक्रमितों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। भारत मे इस रोग के मरीजों की संख्या तेरह हजार के पार पहुंच गई है। सरकार ने इसके संक्रमण से लोगों को बचाने के लिए लॉक डाउन किया है। पहला चरण 21 दिन का था।अब दूसरा चरण 15 अप्रैल से तीन मई तक 19 दिनों का है। कुल मिलाकर 40 दिन का लॉक डाउन है।सामाजिक दूरी ही इसका उपचार है। लॉक डाउन के लम्बी से अब लोगों के समक्ष समस्याएं खड़ी होने लगी है। लोगों की जीडीपी पर असर दिखने लगा है। घरेलू बजट भी गड़बड़ा रहा है। मध्यम वर्ग के लोग परेशान हैं। लोगों की जीडीपी पर असर पड़ रहा है। जीडीपी’ यानी ग्रोथ ( वृद्धि), डेवलपमेंट(विकास), प्रोग्रेस(प्रगति) की रफ्तार पर लॉक डाउन ने लगाम लगा दिया है। लोगों के काम धंधे बन्द हैं, किसी का मकान का निर्माण कार्य रुका है। कोई दुकान के लिए परेशान हैं। लोगों के वाहनों के पहिये रुके हैं।नियोजित योजनाओं को मूर्त रूप नहीं दे पा रहे हैं। शादी व्याह की तारीखें अब टाली जा रहीं है। विकास का रफतार आगे नहीं चल पा रहा है। लोग अपने कार्यों में वृद्धि नहीं कर पा रहे हैं। किसान खेतों में परेशान है। इसके बाद भी लोग कोरोना से जंग लड़ने के लिए तैयार है।लॉक डाउन का पालन कर रहे हैं।सामाजिक दूरी के साथ जीवन जी रहे हैं।


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