गृह मत्रालय ने सभी राज्यो को लिखा पत्र

पूरा विश्व कोविड 19 के कहर से कराह रहा है। जिन देशो ने समय रहते अपने देश मे लाकडाउन के जरिये तमाम कार्यक्रमो पर पाबन्दियाँ लगाकर इस महा मारी को फैलने से रोक दिसम्बर। भारत ने भी जरूरी कदम उठाकर का 130 करोड़ आबादी वाले देश में एक विस्फोट को होने से रोक दिया। पिछले महीने दिल्ली के निजामुद्दीन के मरकज मे शामिल लोगों ने देश की स्थिति को बहुत जादा ही बिगाड़ दिया। इस स्थित को देखते हुए गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को चिट्ठी लिखकर निर्देश दिया है कि रोहिंग्या और तबलीगी जमात के बीच कनेक्शन की जांच की जाए। रोहिंग्या मुस्लिम और उनके परिचितों का भी कोविड-19 टेस्ट होना चाहिए। गृह मंत्रालय ने यह भी कहा है कि इसके संबंध में जो भी जरूरी कदम भी उठाए जाएं।
इस पत्र में जिक्र है कि ऐसी रिपोर्ट आई है कि रोहिंग्या मुसलमानों ने तबलीगी जमात के इज्तिमा और अन्य धार्मिक आयोजनों में हिस्सा लिया था। ऐसे में इसकी आशंका है कि वे कोरोना वायरस से संक्रमित हो सकते हैं। रोहिंग्या कैंप हैदराबाद में भी हैं।
तेलंगाना में रहने वाले रोहिंग्या समुदाय के लोगों ने तबलीगी जमात के जलसे में हरियाणा के मेवात में हिस्सा लिया था। यही लोग दिल्ली के निजामुद्दीन मरकज में भी शामिल हुए थे। रोहिंग्या समुदाय से जुड़े लोग श्रम विहार और शाहीनबाग भी गए थे।
पत्र के मुताबिक जो लोग इन जगहों पर गए हैं, वे अपने कैंपों में भी नहीं लौटे हैं। गृह मंत्रालय की चिट्ठी के मुताबिक रोहिंग्या समुदाय के लोग तबलीगी जमात के जलसे जो डेराबस्सी पंजाब, जम्मू और कश्मीर में भी शामिल हुए थे।
तबलीगी जमात से लिंक होने की वजह से रोहिंग्या मुसलमानों और उनके परिचितों का कोविड-19 टेस्ट कराना बेहद जरूरी है। यह पत्र डिप्टी सचिव, इंटर्नल सिक्योरिटी डिवीजन 1 श्रीनिवासु के ने लिखा है। इस चिट्ठी को मुख्य सचिवों और सलाहकारों के साथ-साथ डीजीपी और दिल्ली के कमिश्नर ऑफ पुलिस को भी भेजा गया है।
मरकज के इस कार्यक्रम में शामिल जमात के कई लोग कोरोना से संक्रमित पाए गए। वहीं जिन राज्यों में जमात के लोग वापस गए वहां इनके संपर्क में आने से कई अन्य लोग भी इस संक्रमण के शिकार हो गए। इसके बाद देश में कोरोना मरीजों की संख्या में उछाल देखने को मिला। अभी भी कई राज्यों में तबलीगी जमात से जुड़े लोगों की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आ रही हैं।
दिल्ली पुलिस ने जमात के मौलाना मोहम्मद साद समेत कई लोगों पर गैर-इरादतन हत्या का केस दर्ज किया है। जमात में शामिल 1890 विदेशी नागरिकों के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया गया है। पुलिस का कहना है कि इन लोगों ने वीजा नियमों का उल्लंघन किया था और कार्यक्रम में शामिल हुए थे। पुलिस ने मरकज से 2300 से अधिक लोगों को बाहर निकाला था, जिनमें 500 से अधिक विदेशी थे।


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