अब सबकी नजर जौनपुर से लौटे 11 लोगों की जांच रिपोर्ट पर, लोग कोरोना मुक्त जनपद रहने की मांग रहे दुआ

आनन्द चौबे/विनोद धर (संवाददाता)

सोनभद्र । जनता कर्फ्यू से लेकर लॉकडाउन पार्ट1 तक जनपद सोनभद्र में सब कुछ ठीक-ठाक चल रहा था । प्रशासन की तरफ से हर संभव प्रयास किए गए कि कोई भी केस यहां पॉजिटिव ना निकले । इस दिशा में ना सिर्फ प्रशासन ने चार राज्यों की सीमाओं पर कड़ी चौकसी बिछा दी बल्कि ऑपरेशन ड्रोन तक चलाया । इतना ही नहीं जिले से जिले के बॉर्डर पर भी चौकसी बढ़ा दी । ताकि बाहर से आने-जाने पर रोक लग सके। लॉकडाउन के शुरुआत में बाहर जिलों व राज्यों से चलकर सोनभद्र पहुंचे मजदूरों को क्षेत्र में क्वॉरेंटाइन कर दिया गया और उनके खाने के लिए कम्युनिटी किचन तक खोल दिए गए । ताकि कोई भी व्यक्ति भूखा ना सोए । कम्युनिटी किचन के माध्यम से ग्रामीण इलाकों में जरूरतमंद लोगों के घरों तक भोजन पहुंचने लगे । प्रशासन काफी निश्चिंत था । मगर उसकी सजगता लगातार बरकरार रही।चौराहे-चट्टी से लेकर पूरे जनपद पर प्रशासन की पैनी निगाह बनी रही । लॉकडाउन पार्ट1 में कुछ रियायत जरूर देखने को मिला ।

मगर लॉकडाउन पार्ट2 में प्रशासन भी सख्ती से पेश आने लगा । कई दुकानें चालान तो कई उलंघन में सीज तक हो गयी ।आने-जाने वालों पर प्रशासन ने कड़ाई करते हुए उनके वाहनों को चालान तक कर दिया और कईयों को फटकार लगाकर वापस घर भेज दिया । प्रशासन से लेकर जनपद वासियों को उम्मीद थी कि सोनभद्र 20 अप्रैल तक उस श्रेणी में शामिल हो जाएगा जिसमें सरकार ने छूट देने की बात कही थी। सरकार ने यह कहा था कि जिस जिले में कोई भी केस नहीं मिलेगा उस जिले में विशेष छूट दी जाएगी । मगर गुरुवार को प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया । हड़कंप की वजह जौनपुर के जिलाधिकारी का एक पत्र था।जिसमें लिखा हुआ था कि सोनभद्र भेजे गए 11 मजदूर पिछले 14 दिनों से जौनपुर में क्वॉरेंटाइन थे । शासन के निर्देश के क्रम में 14 दिनों की अवधि पूरी होने के बाद उन्हें सोनभद्र के लिए भेज दिया गया । मगर भेजे जाने के बाद क्वारंटिन में रखे गए दिल्ली निवासी एक व्यक्ति की जांच रिपोर्ट पॉजिटिव निकल गई। ऐसे में सोनभद्र प्रशासन को 11 मजदूरों को क्वॉरेंटाइन में रख कर जांच कराना उचित होगा । इस पत्र के मिलने के बाद जिला प्रशासन पूरी तरह से एक्टिव हो गया और तत्काल जौनपुर जिलाधिकारी द्वारा भेजे गए सूची के अनुसार सभी की धरपकड़ शुरू हो गई और शाम होते-होते सभी लोगों को क्वॉरेंटाइन के लिए भेज दिया गया । जहां उनकी जांच के लिए सैंपल भी भेज दिया गया । इस दौरान प्रशासन ने 3 गांव को भी पूरी तरह से सील कर दिया। पुलिस अधीक्षक के मुताबिक अब इन गांवों में लोगों की आवाजाही पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगी ।

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि सील किए गए गांव में सिर्फ स्वास्थ्य कर्मी प्रशासन व सफाई कर्मी जा ही जा सकेंगे। इस घटना ने न सिर्फ जनपद वासियों की चिंताएं बढ़ा दी हैं बल्कि प्रशासन के लिए भी मुसीबत खड़ा कर दिया है । ऐसे में सभी लोगों यही मना रहे हैं कि सभी 11 लोगों की जांच रिपोर्ट नेगेटिव ही निकले।ताकि अपना जनपद सुरक्षित और कोरोना मुक्त रहे।

बहरहाल प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती 3 सीज किये गए गांव में बाहरी लोगों के अलावा ग्रामीणों के आवाजाही पर पूरी तरह से लगाम लगानी है। साथ ही प्रशासन को सीज किये गए गांव में जरूरत के सामानों की आपूर्ति भी करानी पड़ सकती है । हालांकि जिलाधिकारी ने लोगों से अपील की है कि जौनपुर से लौटे सभी के 11 मजदूर महज सस्पेक्टेड हैं और उनकी जांच रिपोर्ट आने तक किसी भी प्रकार के अफवाह पर ध्यान देने की जरूरत नहीं है ।
अब देखने वाली बात यह है कि 11 लोगों के भेजे गए सैंपल की जांच रिपोर्ट में क्या निकलता है। फिलहाल प्रशासन से लेकर जनपद वासियों को रिपोर्ट का इंतजार रहेगा ।

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