कोरोना वायरस : फेफड़ों को मजबूत करने के लिए रोज करें, ये आसान व प्राणायाम

दुनियाभर की चिंता बढ़ा रहा कोरोना वायरस का संक्रमण कम होने का नाम ही नहीं ले रहा है। हर रोज संक्रमितों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है। भारत सहित कई देशों में लॉकडाउन हो चुका है और सभी लोगों को घर में रहने की अपील की जा रही है।
कोरोना वायरस का संक्रमण सबसे पहले फेफड़ों पर अटैक करता है। फेफड़ों में पहुंचकर कफ जमा होता जाता है, जिस वजह से संक्रमित व्यक्ति को सांस लेने में तकलीफ हो सकती है। यह संक्रमण उन लोगों को ज्यादा प्रभावित नहीं करता, जिनके फेफड़े मजबूत हों। कोरोना वायरस के संक्रमण से हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता लड़ती है, इसलिए रोग प्रतिरोधक क्षमता का मजबूत होना बहुत जरूरी है। रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और फेफडों को मजबूत करने के लिए हम रोज ये आसान व प्राणायाम कर सकते हैं –

गोमुखासन:
www.myupchar.com के अनुसार, गोमुखासन में गाय के समान मुद्रा होती है, इस आसन को करना बहुत ही सरल है। गोमुखासन वजन कम करने के लिए और शारीरिक सुंदरता बढ़ाने के लिए काफी लाभकारी है। इससे कंधे, जांघ की मांसपेशियां मजबूत होती है। इस आसन से फेफड़े मजबूत होते हैं और श्वसन संबंधित सभी बीमारियां ठीक होती हैं।

ताड़ासन:
इस आसन को सुबह खाली पेट करना चाहिए। ताड़ासन करने से भी फेफड़े मजबूत होते हैं इसके अलावा पेट में भारीपन नहीं लगता है और कब्ज की शिकायत भी दूर होती है। यह आसन शरीर को लचीला भी बनाता है और मांसपेशियों का दर्द कम करता है।

मत्स्यासन:
मत्स्यासन को करना भी काफी सरल है, इसमें शरीर की मुद्रा मछली के समान दिखती है। मत्स्यासन करने से भी सांस की बीमारी ठीक होती है। फेफड़ों को मजबूत बनाने के लिए मत्स्यासन सबसे बेहतर आसन है। इस आसन को भी सुबह खाली पेट करने से ज्यादा फायदा होता है।

शंशाकासन:
नियमित रूप से इस आसन को करने से शरीर मजबूत और लचीला बनता है। पाचन प्रणाली सक्रिय होती है और कब्ज को दूर करता है। इस आसन को करने से श्वसन क्रिया सक्रिय हो जाती है, जिससे फेफड़े मजबूत होते हैं। इसके अलावा यह आसन क्रोध, भय, शोक, आदि आवेश तथा भावनात्मक असंतुलन को कम करता है। हृदय रोग, दमा, मधुमेह से पीड़ित व्यक्ति के लिए यह उपयोगी योग है। पेट पर जमी अतिरिक्त चर्बी को कम कर मोटापा दूर करने में सहायक है।

सूर्य नमस्कार:
www.myupchar.com से जुड़े डॉ. लक्ष्मीदत्ता शुक्ला के अनुसार, सूर्य नमस्कार में कुल 12 योगासन होते हैं। सुबह सूर्योदय से पहले उठकर 15 मिनट के लिए सूर्य नमस्कार करने से भी स्वास्थ्य अच्छा होता है। चूंकि, यह 12 योगासनों का संयोजन है, इसलिए यह शरीर के हर अंग का फायदा पहुंचाता है। सूर्य नमस्कार में श्वसन प्रक्रिया अधिक होती है, इसलिए फेफड़ों के लिए यह काफी अच्छा माना जा सकता है। इसके अलावा सूर्य नमस्कार वजन कम करने के अलावा पाचन तंत्र को भी ठीक करता है।


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