त्रिपल ” आर ” के लिए परेशान हो रहे लोग

मनोहर गुप्ता (संवाददाता)
* राशन, रोजगार व रिश्ते कैसे मिले इस पर मंथन
* लॉक डाउन के बढ़ने से उम्मीद अब धड़कन में बदली

डीडीयू नगर। कातिल बनकर सामने आया कोरोना वायरस के आने के बाद से लोगों में दहशत व्याप्त है।इसके संक्रमण व बढ़ते प्रभाव को रोकने के लिए सरकार ने दूसरी बार लॉक डाउन किया है। इस बार के लॉक डाउन से लोगों में त्रिपल आर की समस्या खड़ी हो गई है।हालांकि इस विषाणु से बचने का एक मात्र उपाय सामाजिक दूरी है। पर लोग राशन,रोजगार व रिश्ते के लिए परेशान हैं।
कोरोना वायरस का संक्रमण भारत में भी अपना पांव पसार लिया है। इसके संक्रमण से दस हजार से ज्यादा लोग प्रभावित हैं।सरकार ने शुरुआत में सामाजिक दूरी बढ़ाने के उद्देश्य से लॉक डाउन 21 दिन का किया था।इसके बाद भी संक्रमण बढ़ गया।सरकार ने इसे बढ़ाकर तीन मई तक कर दिया है।लोग अब भी घरों में कैद हैं।लोगों को राहत पहुंचाने के लिए सरकार ने कई कदम उठाए हैं। 21 दिन की लॉक डाउन के बीच लोगों की आर्थिक ,व्यापारिक तथा सामाजिक गतिविधियां रुक सी गई हैं।लोग अब त्रिपल “आर” के लिए परेशान हैं।त्रिपल आर मतलब रोजगार ,राशन व रिश्ते की जरूरत है। सरकार लोगों को फौरी राहत के तौर पर चावल व गेहूं मुहैया करा रही है।लेकिन चावल व गेंहू से ही लोगों का पेट नहीं भर सकता है।इन्हें अन्य आवश्यक सामानों की भी आवश्यकता पड़ रही है।इन अन्य आवश्यक सामानों की पूर्ति के लिए परेशान हैं।दिहाड़ी व रोज कमाने खाने वालों के लिए भी दिक्कत आ रही है।बताया जाता है कि 21 दिनों से रोजगार बन्द है।इनके समक्ष अर्थ की समस्या खड़ा हो रही है। अभी उन्हें 19 दिन आगे और इंतजार करना है। इसमें चाय, पान, ठेला, खुमचा वाले लोग के अलावा दिहाड़ी मजदूर शामिल है।अब बात करते हैं रिश्ते की। लगन का दौर शुरू हो गया है लोग अपनी कन्याओं व लड़कों का हाथ पीले करने के लिए बेताब हैं।कुछ लोगों ने पहले से ही शादी तय कर ली है।उसका लिए तिथि मुकर्रर होने के साथ ही सम्बन्धित सामानों की बुकिंग भी करा चुके हैं।अब उन्हें कैंसिल भी कराना पड़ रहा है।लोग नये रिश्ते के लिए आगे नहीं बढ़ पा रहे है।सामजिक दूरी के चलते दूसरे स्थानों पर जा नहीं सकते हैं।ऐसे में उन्हें तीन मई तक हाथ पर हाथ धरे बैठे रहना है।

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