बैंको में उमड़ रही भीड़, कहीं फेर न दे लाक डाउन के प्रयासों पर पानी

सुरेश श्रीवास्तव (संवाददाता)

खुटार (शाहजहांपुर) । कोरोना वायरस को लेकर पूरी दुनिया में कोहराम मचा है वही कोरोना जैसी महामारी को लेकर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिन रात इससे निजात दिलाने के लिए लगे हुए हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने इस वायरस को लेकर सभी राजनीतिक पार्टियों के प्रमुख नेताओं से विचार विमर्श करने के बाद पूरे देश में 21 दिन के लाक डाउन की अपील की थी जिसके सकारात्मक नतीजे भी दिखाई दे रहे हैं लेकिन वहीं पर गरीबों के लिए इस संकट की घड़ी में सहयोग करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा महिला जनधन खातों में पहली किस्त के रूप में ₹500 भेज दिये गए हैं लेकिन उनकी यह सुविधाजनक योजना कहीं जनता के जीवन पर भारी न पड़ जाए इसके भी संकेत दिखाई देने शुरू हो गए हैं लोगों में भ्रम है कहीं यह किस्त ना निकालने पर वापस ना चली जाए इसलिए बैंकों में सुबह 8:00 बजे से ही शाम तक भीषण भीड़ लगी रहती है इसमें से कुछ वे लोग भी हैं जो अपने खाते में धन राशि की जानकारी करने के लिए बैंक पहुंच जाते हैं अधिकतर लोगों के बैंकों में लेनदेन ना होने के कारण खाते अपडेट नहीं हैं जिसके कारण जनसेवा केंद्रों पर खाताधारकों को कोई जानकारी नहीं मिल पाती इसलिए वह बैंक में भीड़ बढ़ा रहे हैं हालांकि बैंकिंग सेवा के लिए बैंक की ओर से बैंक मित्र भी नियुक्त किए गए हैं सुरक्षा के लिए बैंकों में पुलिस सुरक्षा व्यवस्था का भी प्रावधान किया गया है लेकिन यहां पर उनकी कार्यशैली संदेह के घेरे में दिखाई दे रही है।
बैंकों में बढ़ती भीड़ बैंक मित्रों की देन तो नहीं
बैक खाता धारकों की छोटी-मोटी समस्या व लेनदेन के लिए बैंकों ने प्रत्येक शाखा में बैंक मित्रों की नियुक्ति कर रखी है जिनका कार्य खाता धारको की समस्या का गांव गांव जाकर समाधान करना ब बैंक की योजनाओं की जानकारी देना निश्चित किया गया लेकिन बैंक मित्र क्षेत्र में न जाकर बैंक के अंदर ऐसी की हवा खाते देखे गए हैं और खाता धारक बैंक के बाहर कड़कड़ाती धूप में परेशान दिख रहे हैं यदि बैंक मित्र अपने कर्तव्यों का सही से पालन करें तो खाताधारकों को होने वाली समस्याओं से निजात मिल सकती है वहीं मौजूदा समय में सोशल डिस्टेंस का पूर्ण रुप से पालन भी हो सकेगा जो कि इस समय का महत्वपूर्ण कार्यों में से एक है
लॉक डाउन मेंअन्य जगहों पर व्यस्तता की वजह से समय से बैंक नहीं पहुंचते पुलिसकर्मी

बैंक में बढ़ती भीड़ में फिजिकल डिस्टेंसिंग ना होना पुलिस की मौजूदगी का ना होना भी एक प्रमुख कारण माना जा रहा है बढ़ते अपराधों के चलते प्रशासन ने प्रत्येक बैंक में सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस के जवानों की ड्यूटी लगा रखी है लेकिन पुलिसकर्मी रवानगी के बाद समय से अपनी ड्यूटी पर नहीं पहुंच पा रहे हैं जिसका जीता जागता उदाहरण रामपुर कला की एक शाखा में देखने को मिला बैंक के बाहर उपस्थित भीड़ की फिजिकल डिस्टेंसिंग के बारे में जब शाखा प्रबंधक से वार्ता की गई तो उन्होंने बताया कि बैंक कर्मियों द्वारा डिस्टेंसिंग को लेकर व्यवस्था की जा रही है सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस को सूचना देकर बुलाया गया है।


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