जनपद को कोरोना मुक्त रखने के लिए एसपी ने चलाया ऑपरेशन ड्रोन

विनोद धर (संवाददाता)

सोनभद्र । चार राज्यों की सीमाओं से घिरा जनपद सोनभद्र में अब तक कोई भी कोरोना को लेकर पॉजिटिव केस न मिलने से जहां एक तरफ जनपदवासी चैन की नींद सो रहे हैं वहीं अधिकारी जनपद को कोरोना मुक्त रखने के लिए दिन-रात अपनी पूरी ताकत झोंक दिए है।
भौगोलिक दृष्टि से बेहद फैला जनपद सोनभद्र नक्सल प्रभावित भी है। ऐसे में लॉक डाउन के दौरान नक्सली कोई बड़ी घटना को अंजाम न दे दे इसकी फिक्र करने के साथ बार्डर पार पड़ोसी राज्यों से बार्डर पार न सके इसके लिए पुलिस प्रशासन के सामने हर दिन एक बड़ी चुनौती है। मगर जहां एक तरफ सोनभद्र पुलिस पूरे जनपद में लोगों को लॉक डाउन का पालन करा रही है वहीं बार्डर के क्षेत्रों में ऑपरेशन ड्रोन भी चला रही है।

ऑपरेशन ड्रोन से पुलिस न सिर्फ बार्डर पार आने-जाने वालों पर निगहबानी कर रही है बल्कि इस दौरान दूर दराज बैठे असहाय लोगों को चिन्हित कर भोजन भी करा रहीं है।

देश का एक मात्र ऐसा जनपद जो चार नक्सल प्रभावित राज्यों की सीमाओं से घिरा है। पूरे देश में फैले कोरोना जैसी महामारी को लेकर उत्तर प्रदेश का यह जिला सबसे ज्यादा संवेदनशील है। मध्य प्रदेश हो या फिर बिहार कोरोना के मरीज लगातार बढ़ रहे हैं। सरकारें लगातार उपाय कर रही है मगर जमात की वजह से पूरे देश में फैले संक्रमण ने कई राज्यों को बुरी तरह अपने गिरफ्त में ले लिया है।

जनपद सोनभद्र के बॉर्डर को लेकर न सिर्फ शासन पहले ही लॉक करने का आदेश दिया था मगर बार्डर पार से लोगों की आवाजाही बदस्तूर जारी था, जो जनपद सोनभद्र के लिए एक बड़ा खतरे की घन्टी थी क्योंकि प्रशासन को पता था कि यदि इनको नहीं रोका गया तो जनपद सोनभद्र कभी कोरोना फ्री नहीं हो सकेगा। इसी को मद्देनजर सोनभद्र पुलिस अधीक्षक ने बार्डर क्षेत्रों पर निगहबानी के लिए ऑपरेशन ड्रोन शुरू किया है।

ऑपरेशन ड्रोन को लेकर संवाददाता आनन्द चौबे ने पुलिस अधीक्षक आशीष श्रीवास्तव से खास बातचीत की।

पुलिस अधीक्षक ने कहा कि “जनपद सोनभद्र का क्षेत्र अति दुरूह जंगली व पहाड़ी तथा चार राज्यों बिहार, झारखण्ड, मध्यप्रदेश तथा छत्तीसगढ़ की सीमाओं से घिरा है। जिसके कारण पुलिस द्वारा पूरे क्षेत्र पर निगेहबानी रख पाना आसान नहीं था। लॉक डाउन की सूचना के बाद तो हमने अपने बॉर्डर को सील कर दिया लेकिन जंगलों और पहाड़ी मार्गों से भी लोगों की आवाजाही बनी रही। इसलिए चारों प्रान्तों के बॉर्डर से सटे गाँवों की निगेहबानी के लिए ऑपरेशन ड्रोन चलाया गया है। ड्रोन के माध्यम से हमारा कवरेज काफी दूरी तक हो जाता है। जहाँ हम पैदल और वाहनों से नहीं पहुँच सकते वहाँ तक भी हम आसानी से पहुँच जा रहे हैं। ड्रोन के माध्यम से हमें ये भी फायदा हो रहा है कि ऐसे गाँवों में जहाँ लोग फँसे हैं या जिनके पास खाने को नहीं है या उन तक राशन नहीं पहुँच पा रहा है, उनकी निगेहबानी भी हो जा रही है और उनको चिन्हित कर उन गाँवों का नाम तथा अन्य सूचना कंट्रोल रूम को दी जा रही है और वहाँ से संबंधित विभाग राहत सामग्री पहुँचाता है तो ड्रोन के माध्यम से हमारी आउटरीच जगह-जगह और गाँव-गाँव तक हो गयी है।

“कुल मिलाकर यह कहा जा सकता हैं कि सोनभद्र में यदि अब तक एक भी केस नहीं मिला है तो इसके लिए पूरी टीम मिलकर काम कर रही है लेकिन जिस तरह से चुनौतियों की दृष्टि से यदि देखा जाय तो ख़ाकी की भूमिका बेहद सराहनीय है।


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