संक्रमण की संभावना पर स्वयं प्रस्तुत न होने पर होगी दंडात्मक कार्यवाही: जिलाधिकारी

अबुलकैश ”डब्बल” (ब्यूरो)
* जमात वालों के संपर्क में आने वाले स्वेच्छा से कराएं जांच
* संक्रमण को फैलने से रोकें

चन्दौली। उत्तर प्रदेश शासन चिकित्सा अनुभाग-5 लखनऊ दिनांक 09 अप्रैल,2020 के निर्देश के क्रम में जिलाधिकारी नवनीत सिंह चहल ने बताया कि वर्तमान में पूरे प्रदेश में कोराना वाइरस के संक्रमण की विभीषिका को रोकने के उद्देश्य से लाॅक डाउन किया गया है। इस संक्रमण से बचाव हेतु संक्रमित व्यक्ति का चिन्हीकरण एवं उसका नियमानुसार चिकित्सीय प्रशिक्षण उवं उपचार आवश्यक है। इसमें थोड़ी सी भी चूक होने पर इसका संक्रमण अत्यंत तीव्र गति से होता है। संक्रमित व्यक्ति से कोरोना वाइरस परिवार,समाज एवं कार्य स्थल पर साथ-साथ काम करने वाले व्यक्तियों में अत्यंत तीव्रता से फैलता है, फलस्वरूप वह भी गम्भीर रूप से बीमार पड़ सकते है। बीमारी से मृत्यु तक होने की सम्भावना बनी रहती है।
कोरोना वाइरस से संक्रमित व्यक्ति या वह सभी व्यक्ति जो संक्रमण क्षेत्र या संक्रमित व्यक्तियों के सम्पर्क में आये है, अथवा जो निजामुददीन दिल्ली तबलीगी जमात सम्मेलन में शामिल होने वालों के सम्पर्क में आये हों व जिनको किसी भी प्रकार से संक्रमण होने की सम्भवना हो, वह स्वेच्छा से बिना देरी अथवा लापरवाही किये 24 घण्टे के अन्दर अपनी चिकित्सी जांच हेतु जनपद के मुख्य चिकित्साधिकारी के समक्ष स्वंय प्रस्तुत हो। ऐसा न करना महामारी अधिनियम 1897 की धारा (2), (3), (4) एवं उत्तर प्रदेश महामारी कोविड-19 विनियमावली, 2020 के प्राविधानों का उल्लंघन है तथा ऐसे व्यक्तियों के विरूद्ध उक्त अधिनियम एवं विनियमावली के संगत प्राविधानों के अन्तर्गत कठोर कार्यवाही की जायेगी।

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