DHFL के प्रमोटर कपिल वधावन और धीरज वधावन की बढ़ी मुश्किलें, लग्जरी कारों को सीज करने की प्रक्रिया शुरू

लॉकडाउन का उल्लंघन करके महाराष्ट्र के सतारा जिले के महाबलेश्वर जाने वाले दीवान हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड (DHFL) के प्रमोटर कपिल वधावन और धीरज वधावन की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। अब प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कपिल वधावन और धीरज वधावन की उन सभी 5 लग्जरी कारों को सीज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिनमें सवार होकर वो महाबलेश्वर गए थे ।

ईडी ने कारों को सीज करने का मेमो कपिल वधावन और धीरज वधावन को भेजने की जानकारी सतारा पुलिस को दे दी है ।आपको बता दें कि बुधवार शाम वधावन बंधु समेत 23 लोग खंडाला से 5 कारों में सवार होकर महाबलेश्वर पहुंचे थे, तभी लॉकडाउन का उल्लंघन करने पर सतारा पुलिस ने सभी को गिरफ्तार कर लिया था ।

सतारा पुलिस ने इन सभी लोगों को हिरासत में लेने के बाद पंचगनी के सेंट जैवियर्स स्कूल में क्वारनटीन में रखा है । वहीं, ईडी और सीबीआई के अधिकारियों ने सतारा पुलिस से कहा है कि वो वधावन ब्रदर्स को क्वारनटीन के बाद भी रिहा न करे । बताया जा रहा है कि वधावन बंधु 8 मार्च से ही सीबीआई और ईडी से छिप रहे थे । येस बैंक मामले में पूछताछ के लिए दोनों एजेंसियां इनकी तलाश कर रही थीं ।

वधावन बंधु खंडाला के एक गेस्ट हाउस में छिपे थे, लेकिन लॉकडाउन की वजह से इनको गेस्ट हाउस छोड़कर महाबलेश्वर जाना पड़ा था । इनको यह डर था कि अगर मुंबई गए, तो गिरफ्तार हो जाएंगे, इसलिए ये महाबलेश्वर की तरफ निकल गए थे ।दरअसल, ईडी ने 8 मार्च को येस बैंक के फाउंडर राणा कपूर को गिरफ्तार किया था, जिसके बाद अपनी गिरफ्तारी से बचने के लिए वधावन ब्रदर्स खंडाला निकल गए थे और एक गेस्ट हाउस में छिप गए थे ।

आरोप है कि वधावन बंधुओं ने कपूर परिवार को घूस देकर येस बैंक से सैकड़ों करोड़ रुपये के लोन हासिल किए थे । इस मामले में ईडी और सीबीआई वधावन बंधुओं को कई बार समन भी भेज चुकी हैं, लेकिन ये लोग पूछताछ के लिए जांच एजेंसियों के सामने पेश नहीं हुए थे । साथ ही बहाना बनाया था कि कोरोना वायरस के प्रकोप की वजह से वो बाहर नहीं निकल सकते हैं ।

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