क़ब्रस्तानो पर रहा खाकी का पहरा, घरों पर हुई इबादत

फ़ैयाज़ खान (संवाददाता)

ग़ाज़ीपुर । इस बार शब-ए-बारात बहुत ही शांतिपूर्ण तरीके से और घरों में रहकर मनाया गया। जैसे हर बार लोग इस रात को क़ब्रस्तानो पर फातेहा पढ़ने के लिये जाते थे और मस्जिदों में जागकर पूरी रात इबादत करते थे मगर इस बार कॅरोना महामारी ने ऐसे हालात पैदा कर दिये के लोगों को अपने घरों से फातिहा पढ़ना पड़ा और मस्जिदों में न जाकर घर पर रहकर इबादत करना पड़ा।धर्मगुरुओं के अपील का असर भी देखा गया कि लोग अपने घरों से नही निकले।प्रशासन ने भी लोगों को बहुत जागरूक किया और जगह जगह क़ब्रस्तानो पर पुलिस लग गयी थी ताकि अगर कोई आ जाये तो उसके साथ सख्ती से निबटा जा सके।मौलाना हैदर खान अंजुमन फैजाने रज़ा के सदर ने बताया कि सारे मुसलमानों ने घर पर रहकर ही अल्लाह की इबादत की और पूरे मुल्क के अमन और सलामती के लिए दुआ मांगी।मदरसा मुहम्मद अली के कारी रियासुद्दीन ने भी लोगों से घर पर रहकर और कब्रस्तान न जाकर बल्कि घर पर रहकर ही फातेहा पढ़ने की अपील की और उसका असर भी देखने को मिला।मदरसा कादरिया के प्रिंसिपल मौलाना फरीदी ने कहा के शब-ए-बारात की रात ऐसी रात है जिसमे बन्दा अपने खुदा की रात भर जागकर इबादत करता है और जो भी दुआ मांगता है वो दुआ क़ुबूल होती है।मौलाना तनवीर ज़मानिया ने कहा इस बार खासकर अपने मुल्क और सारे दुनिया के लोगों के लिए कॅरोना जैसी महामारी से बचने के लिए दुआ की गई।प्रशासन ने भी अपने तरफ से पूरा इंतेज़ाम किया था कि कही भी चाहे वह कब्रस्तान हो या मस्जिद भीड़ इकट्ठा नही होने देना है,और उनके इस मिशन को लोगों ने बहूत हद तक कामयाब भी बनाया।


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