जाने केंद्र सरकार किस रणनीति पर कर रही काम, लॉकडाउन खुलने पर भी सभी तरह के प्रतिबंध नहीं हटेंगे

केंद्र सरकार अगर 14 अप्रैल को लॉकडाउन खत्म करने की घोषणा कर भी देती है तो भी राज्यों को अपने यहां संक्रमित मरीजों की संख्या देखकर रणनीति बनानी होगी। अधिकारियों का कहना है बैठकों से जो संकेत मिले हैं, उसे देखते हुए सभी तरह के प्रतिबंध एक साथ समाप्त करना शायद ही मुमकिन हो। इस बीच, ऐसे जिलों को भी कोविड-19 से लड़ाई के लिए तैयार रहने को कहा गया है, जहां अभी कोरोना के मामले नहीं मिले हैं। इन जिलों को मॉकड्रिल करने और डॉक्टर-पैरामेडिकल स्टाफ को कोविड-19 प्रोटोकॉल के मुताबिक तैयार रहने को कहा गया है।

लंबी लड़ाई की तैयारी
सूत्रों के अनुसार प्रधानमंत्री बार-बार लंबी लड़ाई की बात इसलिए ही कर रहे हैं, क्योंकि जब तक कोरोना का एक भी मरीज बचा है, चुनौती बनी रहेगी और अभी मामले लगातार बढ़ रहे हैं। सरकार के अपने दिशा-निर्देश के तहत अगर अंतिम मामले के 28 दिन बाद नया मामला नहीं आता है तो भी उसके बाद 28 दिन तक फॉलो करके ही उस क्षेत्र में ऑपरेशन बंद किया जा सकता है। लेकिन जिस तरह से नए मामले आ रहे हैं, उससे कोरोना-विरोधी ऑपरेशन की अवधि लंबी होने के संकेत मिल रहे हैं।

फ्लू को लेकर नजर रखनी होगी
सरकार की रणनीति के मुताबिक जिन इलाकों में ऑपरेशन बंद करने की स्थिति बनती है, वहां इंफ्लुएंजा जैसी बीमारी-आईएलआई या सीवियर एंड एक्यूट रेस्पेटरी इंफेक्शन-एसएआरआई को लेकर निगरानी जारी रहेगी।

राज्य प्रतिबंध जारी रख सकेंगे
सूत्रों ने बताया कि कई राज्यों ने केंद्र की ओर से पूरे देश में लॉकडाउन लगाने के पहले ही कड़े कदम उठाए थे। इस तरह के कदम राज्य सरकारें लॉकडाउन की अवधि खत्म होने के बाद भी स्थानीय परिस्थिति के मुताबिक उठाना जारी रख सकती हैं। केंद्र भी इस संबंध में जरूरी दिशा-निर्देश आपदा एक्ट के तहत जारी करेगा।

विशेषज्ञों की राय अहम
सूत्रों ने स्पष्ट किया कि लॉकडाउन हटाने का फैसला विशेषज्ञों की राय पर आधारित होगा। फिलहाल किसी भी सूरत में एक साथ सभी सेवाएं बहाल करना मुश्किल है।


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