रोटी के लिये अनोखे तरीके से कर रहे रोजी

मनोहर गुप्ता (संवाददाता)
* झोला में रखकर बेच रहे चाय पान लॉक डाउन से रोज कमाने खाने वालों को संकट
डीडीयू नगर। वैश्विक महामारी का रूप ले चुके कोरोना वायरस के प्रभाव को रोकने व लोगों को संक्रमित होने से बचाने के लिए केंद्र सरकार ने 21 दिनों का लॉक डाउन घोषित किया गया। लॉक डाउन के 11 दिन गुजर गए हैं।सोशल डिस्टेंसिंग के तहत लोगों को घर से बाहर निकलने पर पाबंदी है। चाय पान की दुकान बन्द हैं लेकिन इनके तलब दारों की कमी नहीं है।अब लोग लोगों की तलब की पूर्ति के लिए नायाब तरीका अपना रहे हैं।सुबह के समय गली चौराहें पर चाय व पान रेडीमेड लेकर बेचे जा रहें हैं। हालांकि इस दौरान भीड़ नहीं लगती लोग अपने तलब का सामान लेकर हट बढ़ जाते हैं। इस तरीके से रोटी की जुगाड़ भी हो जा रही है।
इस समय वैश्विक महामारी का रूप कोरोना नामक वायरस ने ले रखा है।भारत मे भी इस संक्रमण का विस्तार हो रहे है।अब तक दो हजार से अधिक लोग इस संक्रमण से प्रभावित है। सबसे राहत की बात है कि धान के कटोरे के रूप में विख्यात चन्दौली जनपद में कोई भी कोरोना वायरस से संक्रमित नहीं पाया गया है। देश मे इस समय 21 दिनों का लॉक डाउन घोषित किया गया है।अभी तक 11 दिन गुजर गए हैं।लॉक डाउन के चलते लोगों के समक्ष रोजी रोटी का संकट खड़ा हो गया है। भले ही सामाजिक व सरकारी संस्थाये लोगों के पेट भरने के इंतजाम में लगे हैं। लेकिन लोगों के अर्थ की पूर्ति नहीं हो पा रही है। लॉक डाउन के चलते लोगों की घरेलू अर्थव्यवस्था चरमरा रही है। इस कारण अपने रोजगार को चलाने के लिए कोई न कोई उपाय ढूंढ रहे हैं।लोग अब चाय व पान को झोले में रखकर बेचने को विवश हैं।बताया जाता है कि सुबह में लोगों की तलब जगती है।ऐसे में उन्हें चाय की जरूरत पड़ती है। चाय वाले थर्मस में रखकर उसे बेचने के कार्य मे लगे हैं।इस समय मे लोगों के समक्ष अर्थ का संकट खड़ा है।इसकी भरपाई नहीं हो पा रही है।रोज कमाने खाने वालों को परेशानी उठानी पड़ रही है।


अपने शहर के एप को डाउनलोड करने के लिए क्लिक करे |  हमें फेसबुक,  ट्विटर,  और यूट्यूब पर फॉलो करें|
loading...
error: Content is protected !!