दिल्ली के सीएम बोले- कोरोना क्या है, इससे कैसे बचना है, ये बच्चों को बताना जरूरी

पेरेंटिंग प्रोग्राम में अभिभावकों ने मुख्यमंत्री केजरीवाल से पूछे तमाम सवाल पूछे, जिसके जबाब में सीएम बोले- कोरोना क्या है, इससे कैसे बचना है, ये बच्चों को बताना जरूरी ।
दुनिया के ज्यादातर देशों समेत भारत इस समय कोरोना वायरस की चपेट में है । इस जानलेवा वायरस को फैलने से रोकने के लिए भारत में लॉकडाउन लागू किया गया है । ऐसे में आवश्यक वस्तुओं की सेवाएं छोड़कर इस समय सबकुछ बंद है । कोरोना लॉकडाउन के कारण सभी लोग घरों में ही रह रहे हैं ।

इसके मद्देनजर दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल, डिप्टी सीएम और शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने दिल्ली के शिक्षा निदेशक विनय भूषण और एजुकेशन एक्सपर्ट सीमंत के साथ ‘पेरेंटिंग इन द टाइम ऑफ कोरोना’ प्रोग्राम का प्रसारण किया । इस प्रोग्राम में अभिवाक और बच्चों से जुड़े सवालों पर चर्चा हुई ।

बातचीत में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कोरोना वायरस कैसे फैलता है इसके बारे में जानकारी दी । सीएम केजरीवाल ने कहा कि कोरोना से बचाव का एक मात्र उपाय सोशल डिस्टेंसिंग यानी दूसरे से अपने आपको दूर रखना है । इस दौरान अभिभावाक और बच्चों के सवालों का जवाब सीएम केजरीवाल के साथ डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने भी दिया । दिल्ली के शिक्षा निदेशक विनय भूषण ने अभिभावक और बच्चों के कई सवालों को रखा ।

सीएम केजरीवाल ने कहा, पिछले 15-20 दिनों से दिल्ली के सभी स्कूल बंद हैं । इस एक्स्ट्रा ऑर्डिनरी सिचुएशन में स्कूल बंद करने पड़े । सीएम ने कहा, आपकी और आपके बच्चों की सेहत के लिए हमें स्कूल 15-20 दिन पहले बंद करने पड़े । उसके बाद दिल्ली में लॉकडाउन हुआ. फिर पूरे देश में प्रधानमंत्री जी ने लॉकडाउन का ऐलान किया ।

सीएम ने कहा, दिल्ली में सरकारी, प्राइवेट, एडेड और नगर निगम के स्कूल हैं । इन सभी स्कूलों को मिलाकर लगभग 44 लाख बच्चे यहां पढ़ते हैं और अभी ये सभी बच्चे अभी अपने-अपने घरों में लॉकडाउन हैं। बच्चों की सारी एक्टिविटीज लॉकडाउन के कारण रुक गई है। ऐसे में बच्चों के मन में कई किस्म के प्रश्न आ रहे हैं । वे जानना चाहते हैं कि कोरोना क्या है, ये सब क्यों हो रहा है ।

बच्चों के सवाल पर सीएम केजरीवाल ने कहा, एक पेरेंट्स ने लिखा कि मेरी 5 साल की बेटी है वो पूछना चाहती है कि क्या हम सब लोग मर जाएंगे । वहीं एक सवाल बच्चों का था कि वो ठीक हैं तो बाहर खेलने क्यों नहीं जा सकते । इस सवाल के जवाब में केजरीवाल ने कहा कि बच्‍चों को समझाना जरूरी है कि कोरोना क्‍या है । इससे कैसे बचना है ।

अभिभावक की ओर से एक सवाल पूछा गया कि कोरोना के चलते सारे स्कूल बंद हैं तो क्या दिल्ली में गर्मियों की छुट्टियां कम की जाएंगी । इस पर दिल्ली के शिक्षा निदेशक विनय भूषण ने कहा कि गर्मी की छुट्टियां कम करने का फिलहाल कोई प्रस्ताव नहीं है, लेकिन अभी कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया जा सकता है।

एक अन्य सवाल स्कूल की फीस को लेकर पूछा गया । प्राइवेट स्कूल में पढ़ रहे बच्चों के पेरेंट्स ने सवाल पूछा कि जब स्कूल नहीं चल रहा है तो स्कूल फीस क्यों ले रहे हैं? इस सवाल के जवाब में सीएम केजरीवाल ने कहा कि बहुत सारे पेरेंट्स ये भी कह रहे हैं कि लॉकडाउन में उनको फीस देने में दिक्कत है, इसलिए फीस माफ की जाए, लेकिन स्कूलों का कहना है कि अगर पेरेंट्स फीस नहीं देंगे, तो टीचर्स, कर्मचारियों को तनख्वाह कहां से देंगे ।

वहीं, इस सवाल पर डिप्टी सीएम और शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा, प्राइवेट स्कूल फीस से ही तनख्वाह देते हैं । अगर फीस नहीं देंगे तो टीचर को तनख्वाह नहीं मिलेगी । ऐसे में टीचरों के घर कैसे चलेंगे, यह एक मुश्किल सवाल है इसका कोई स्पष्ट जवाब नहीं हो सकता । इसलिए लोग इस मुद्दे पर सुझाव दें जिससे पढ़ाई का भी नुकसान ना हो और जो जमीनी परिस्थितियां हैं उनके साथ भी कोई समझौता ना हो ।

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