राष्ट्रपति की वीडियो कांफ्रेंसिंग में बोलीं राज्यपाल- राज्य में डाॅक्टरों, स्वास्थ्य कर्मियों के साथ दुर्व्यवहार स्वीकार नहीं

■ राज्यपाल ने धर्म गुरूओं से अपील की

■ राज्यपाल अगले सप्ताह सभी जिलाधिकारियों से वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से ग्राउण्ड रिपोर्ट लेंगी

■ सभी कुलपतियों के साथ भी होगी वीडियो कांफ्रेंसिंग

देहरादून । राज्यपाल बेबी रानी मौर्य शुक्रवार को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता में कोरोना वायरस से संबंधित वीडियो कांफ्रेंसिंग में सम्मिलित हुई। राज्यपाल मौर्य ने वीडियो कांफ्रेंसिंग में बताया कि उत्तराखण्ड में लाॅक डाउन का पूरी सख्ती से पालन किया जा रहा है। राज्यपाल ने बताया कि उन्होंने प्रदेश के सभी धर्म गुरूओं और संतो से अपील भी की है कि वे लोगों को जागरूक करें तथा धार्मिक आयोजनों, पूजा-पाठ, नमाज आदि को अपने-अपने घरों में ही करने के लिए प्रेरित करें। राज्यपाल ने बताया कि प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों को निर्देश दिये गये हैं कि वे लाॅक डाउन की परिस्थितियों में आॅन लाइन कोर्स मैटीरियल को प्रोत्साहित करें। विश्वविद्यालयों को वर्तमान स्थिति से निपटने के लिए अपने-अपने क्षेत्रों में आवश्यक तकनीकि एवं विशेषज्ञ सहायता विकसित करने को भी कहा गया है। इस संबंध में राज्यपाल मौर्य शीघ्र ही सभी कुलपतियों के साथ एक वीडियो कांफ्रेंसिंग भी करने वाली है। राज्यपाल ने बताया कि प्रदेश में किसानों का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। किसानों की फसल खरीदने के लिए ऊधमसिंह नगर और हरिद्वार सहित सभी जिलाधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिया जा चुके हैं।
राज्यपाल ने कहा कि प्रदेश में रेडक्रास को कोरोना वायरस से जुड़ी परिस्थितियों हेतु सक्रिय होने के निर्देश दिये है। राज्यपाल मौर्य ने राज्य रेडक्रास ईकाई से अभी तक के कार्यों का विवरण तथा आगे की कार्ययोजना भी तलब की है। राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने कहा है कि प्रदेश में चिकित्सकों, स्वास्थ्य कर्मियों और सफाई कर्मियों के विरूद्ध कोई भी दुर्व्यवहार स्वीकार नहीं किया जायेगा। इस संबंध में सभी डी.एम और एस.एस.पी को आवश्यक निर्देश दिये गये हैं। पर्वतीय जनपदों में आवश्यक वस्तुओं, राशन, दवाईयों आदि की सप्लाई सुनिश्चित की जा रही है। नगर निकायों द्वारा स्वच्छता एवं सेनेटाइजेशन अभियान संचालित किया जा रहा है। राज्यपाल अगले सप्ताह सभी जिलाधिकारियों से वीडियो कांफ्रेंसिंग के द्वारा ग्राउण्ड स्थिति की समीक्षा भी करेंगी।
राज्यपाल ने बताया कि पिथौरागढ़ में 957 नेपाली नागरिकों हेतु 5 कैम्पों के माध्यम से खाने-रहने की व्यवस्था की गई है। आवश्यक वस्तुओं की ढुलाई करने वाले वाहनों को रोका न जाये इसके निर्देश दिये गये हैं।
राज्य में अभी तक 10 पाजिटिव कोविड-19 के मामले आये हैं जिसमें से दो व्यक्ति पूर्णतः ठीक भी हो चुके हैं। बाहर से आने वालों को क्वारंटाइन किया गया है। राज्य में 2 अप्रैल की स्थिति के अनुसार 8452 लोगों को घरों में तथा संस्थागत क्वारंटाइन किया गया है। तबलीगी जमात के 245 लोगों को संस्थागत क्वारंटाइन में रखा गया है। राजकीय चिकित्सालयों एवं मेडिकल काॅलेजों में 3,746 पीपीई किट तथा 13864 छ 95 मास्क उपलब्ध है। आई.सी.यू, वेंटिलेटर, आॅक्सीजन सिलेण्डरों आदि की मौजूदा स्थिति एवं भविष्य की आवश्यकताओं का आकलन करते हुए आवश्यक कार्यवाही की जा रही है।
वीडियो कांफ्रेंसिंग में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, उपराष्ट्रपति एम.वेंकैय्या नायडू सहित सभी राज्यों के राज्यपाल, उपराज्यपाल एवं प्रशासक उपस्थित थे।

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