महागौरी की पूजा अर्जना से होती है दूर कई अड़चने


चैत्र नवरात्र के आज आठवें दिन मां महागौरी की पूजा का विधान है। कहा जाता है कि इन्होंने भगवान शंकर की कठोर तपस्या की थी, इसकी वजह से उनका रंग काला पड़ गया था। जब भगवान उनकी तपस्या से खुश होकर उन्हें दर्शन दिया तो उनका रंग गोरा हो गया। इस वजह उन्हें गौरी भी कहा जाता है। मां महागौरी का संबंध शुक्र ग्रह से है। इनके पूजन से शुक्र ग्रह बलवान होता है। इनकी पूजा से विवाह संबंधित अड़चनें भी दूर होती हैं। लोगों की मान्यता है कि अष्टमी तिथि के दिन उत्तम नियम से मां महागौरी की पूजा करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। धन की कमी कभी नहीं होती। मां गौरी की पूजा सफेद वस्त्र धारण करके करें की जाती है। अष्टमी के दिन कुवांरी कन्या पूजा की पूजा की जाती है और उन्हें विधि विधान से भोजन कराया जाता है तथा दान दक्षिणा भी देकर आशिर्वाद लिया जाता है। ऐसी मान्यता है कि इस विधि से मां की पूजा सफल होती है।


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