मरकज मामले में क्राइम ब्रांच ने आयोजकों के खिलाफ दर्ज की एफआईआर

दिल्ली के निजामुद्दीन स्थित तबलीगी जमात के मरकज मामले में क्राइम ब्रांच ने कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है और आयोजकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर लिया है । दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल ने आज मंगलवार को पुलिस को कार्रवाई के निर्देश दे दिए थे । इससे पहले मंगलवार को ही दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आयोजकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग की थी ।

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने मौलाना साद और अन्य तबलीगी जमात के अन्य लोगों पर सरकारी निर्देशों के उल्लंघन के लिए महामारी रोग अधिनियम 1897 के अलावा आईपीसी की धारा सेक्शन 269, 270, 271 और 120-बी के तहत केस दर्ज किया है।

भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 269 यानी किसी के जीवन को संकट में डालना ।आईपीसी की धारा 270 यानी कोई ऐसा गैर जरुरी काम करना जिससे जीवन संकट में आए ।इसके अलावा आईपीसी की धारा 271 यानी सरकार के बनाए नियम की जानबूझकर अवहेलना करना। 120 बी यानी आपराधिक साजिश का मामला बनता है।

इसके अलावा सरकारी नियमों की घोर अवहेलना करने को लेकर महामारी रोग अधिनियम 1897 के तहत भी केस दर्ज किया गया है ।

दिल्ली के निजामुद्दीन स्थित तबलीगी जमात के मरकज का कोरोना कनेक्शन सामने आने के बाद हड़कंप मचा हुा है । इस पूरे प्रकरण पर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने नाराजगी जाहिर करते हुए इस घटना की निंदा की है और कहा कि सब सारे मंदिर और मस्जिद बंद हैं तो फिर ऐसी हरकत क्यों हुई ।

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि दुनियाभर में लोग मर रहे हैं और हम लोग ऐसी गैर जिम्मेदाराना हरकत कर रहे हैं कि लोग एकत्रित हो रहे हैं । सारे धार्मिक स्थल खाली पड़े हैं । ऐसे में इतनी बड़ी भीड़ एकत्र करना बिल्कुल गलत था । यहां से बहुत सारे लोग निकल कर देश के अलग-अलग हिस्सों में पहुंच गए और किन-किन लोगों को इससे नुकसान पहुंच चुका होगा, यह सोचकर भी डर लग रहा है ।

उन्होंने बताया कि मरकज में 12-13 मार्च के आसपास देश-विदेश से लोग एकत्रित हुए थे. इनमें काफी लोग चले गए और कुछ रुक गए । उन्होंने बताया कि फिलहाल मरकज से 1,548 लोगों को निकाला गया है। इनमें से 441 लोगों में कुछ लक्षण पाए गए हैं । इन्हें अस्पताल भेजा गया है और उनका टेस्ट किया जा रहा है।

दरअसल, दिल्ली के निजामुद्दीन स्थित तबलीगी जमात के मरकज में हुए धार्मिक आयोजन में शामिल हुए लोगों का कनेक्शन 19 राज्यों तक है। जमात में शामिल जो लोग लौटे वो 19 राज्यों में फैले हुए हैं । अब हर राज्य में इनकी तलाश कर क्वारनटीन किया जा रहा है ।माना जा रहा है कि मरकज पर धार्मिक आयोजन के वक्त वहां 3 हजार से ज्यादा लोग मौजूद रहे ।


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