लॉक डाउन का सातवाँ दिन : प्रशासन ने ‘कोई न रहे भूखा’ की तहत पूरे ग्रामीण अंचलों में कराया भोजन की व्यवस्था

आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)

सोनभद्र । पूरे देश में लॉक डाउन की घोषणा के बाद से एक-एक दिन लोगों का घर पर काटना बड़ी मुश्किल होती जा रही है । 21 दिनों के लॉक डाउन के आदेश के क्रम में आज सातवाँ दिन है । समय के साथ इसका असर भी बढ़ता जा रहा है। लोग खुद पूरी तरह से लॉक डाउन का पालन करने लगे है। सुबह और शाम को मामूली चहल-पहल छोड़कर दिन भर सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहता है। आवश्यक सामानों व दवाईयों की खरीद के लिए इक्के-दुक्के लोग ही सड़क पर दिखते है। शाम ढलने के बाद ही सड़कें सुनसान हो जा रही हैं । लोग पूरी तरह कोरोना की जंग को मात देने के मूड में आ चुके है। इस चलते लॉक डाउन के अनुपालन को लेकर प्रशासन को ज्यादा पसीना नहीं बहाना पड़ रहा है।

वहीं नवरात्र होने के बाद भी मंदिर तक पहुंचने में लोग परहेज कर रहे है। लोग घरों में ही मां दुर्गा की आराधना कर रहे है।

साथी हाथ बढाना…साथी रे… एक अकेला थक जाएगा तो मिलकर बोझ उठाना गाने की तर्ज पर सामाजिक संगठनों के अलावा प्रशासनिक अधिकारी व कर्मचारी गरीबों की मदद के लिए आगे खड़े हैं । कोरोना की मुसीबत ने इस मुश्किल घड़ी में सभी जाति धर्म को खत्म कर दिया है । इतना ही नहीं ऊंच-नीच का अंतर भी खत्म हो गया है ।

कोरोना वायरस के खौफ के बीच हुए 21 दिनों के लॉक डाउन के आज सातवें दिन दिहाडी मजदूरों को परिवार के भरण पोषण के लिए सोनभद्र में जनसेवा के लिए हाथ आगे बढे हैं। सर्वप्रथम एसपी आशीष श्रीवास्तव द्वारा “पब्लिक-पुलिस अन्नपूर्णा बैंक” के सफल संचालन के बाद आज जिलाधिकारी एस0राजलिंगम की एक अनूठी पहल ग्रामीण क्षेत्रों के लिए कम्युनिटी किचन की घोषणा की कल से शुरुआत होने जा रही है जिससे अब ग्रामीण जनता भी भूखे पेट नहीं रह पाएगी। तो कुछ समाजसेवियों द्वारा ग्राम प्रधानों के माध्यम से गरीबों में खाद्यान्न सामग्री का वितरण कराए जाने से जिला प्रशासन को एक बल मिलता है। इसी क्रम में आज ग्राम पंचायत गेंगुआर में ग्राम प्रधान प्रतिनिधि पूजा की अगुवाई में गरीबों के बीच खाद्यान्न सामग्री का वितरण किया गया।

वहीं कुछ निजी चिकित्सक भी अपनी सहभागिता निभाने से पीछे नहीं हट रहे और एक दूसरे के सहयोग के जज्बे को दिखा रहे हैं। इसी क्रम में आज प्रभव हॉस्पिटल एंड आयुष सेंटर के एमडी डॉ0 आर0डी0चतुर्वेदी ने पुलिसकर्मियों को कोरोना वायरस से बचाव हेतु ग्लव्स का वितरण कराया और कहा कि पुलिसकर्मी सर्वप्रथम किसी के भी संपर्क में आते हैं इसलिए उन्हें ग्लब्स की अति आवश्यता होती है।

दिए गए एल्टीमेटम को लेकर के बाद भी कोई हल न निकलते देख एम्बुलेंस कर्मी भी कार्य का बहिष्कार कर अपने आवास पर चले गए । जिससे स्वास्थ्य व्यवस्था भी चरमरा गई ।

इसी बीच कोरोना ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है । खेतों में पड़े फसलों की कटान न होने से भारी नुकसान उठाना पड़ा रहा है । लॉक डाउन की वजह से मजदूर नहीं मिल पा रहे हैं और मिल रहे हैं तो हिम्मत नहीं जुटा पा रहे ।

बहराल सातवें दिन भी ग्रामीण अंचलों में लॉक डाउन का कोई खासा असर देखने को नहीं मिल रहा है । लोग अभी भी ग्रामीण अंचलों में कोरोना को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं ।


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