मां कात्यायनी की पूजा से मिलते है अनेक फल

या देवी सर्वभूतेषु शक्ति रूपेण संस्थिता।

नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:॥

आज नवरात्र का छठा दिन है और इस दिन देवी कात्यायनी की पूजा की जाती है। मां कात्यायनी ही देवी दुर्गा का छठा स्वरूप हैं। स्कंद पुराण में कहा गया है कि देवी के कात्यायनी रूप की उत्पत्ति परमेश्वर के नैसर्गिक क्रोध से हुई थी और इन्होंने देवी पार्वती द्वारा दिए गए शेर पर विराजमान होकर महिषासुर का वध किया था। मार्केंडय पुराण में भी देवी कात्यायनी के स्वरूप और उनके प्रकट होने की कथा बताई गई है।। -देवी कात्यायनी की पूजा करने से शक्ति का संचार होता है और इनकी कृपा से दुश्मनों पर भी जीत मिलती है।। -मां कात्यायनी की पूजा-अर्चना में शहद का प्रयोग किया जाना चाहिए क्योंकि मां को शहद बहुत पसंद है। -शहद से बना पान भी मां को प्रिय है इसलिए इनकी पूजा में भी चढ़ाया जा सकता है। -देवी को शहद का भाेग लगाने से आकर्षण शक्ति बढ़ती है और प्रसिद्धि भी मिलती है। -देवी कात्यायनी की पूजा करने से चेहरे की कांति और तेज बढ़ता है।। -इनकी पूजा से सुख और समृद्धि भी बढ़ती है।। -देवी कात्यायनी की पूजा से अविवाहित लोगों के विवाह योग जल्दी बनते हैं और लड़कियों को सुयोग्य वर मिलता है।


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