मुंबई से लौटे बेटों को घर में आने से रोका

फ़ैयाज़ खान (संवाददाता)

ग़ाज़ीपुर । बहरियाबाद गाजीपुर बहरियाबाद लाकडाउन के बाद भी रविवार की सुबह क्षेत्र के हुसेनपुर मुर्थान में दो युवकों के मुम्बई से घर पहुंचने पर गांव में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों ने गांव में रहने पर आपत्ति जताई। दोनों के परिजनों ने भी वगैर चिकित्सकीय परीक्षण के घर में प्रवेश करने पर रोक लगा दी। ग्रामीणों ने तत्काल ग्राम प्रधान को बुलाकर दोनों युवकों को परीक्षण के लिए परिजनों के साथ पीजीआई चक्रपानपुर (आजमगढ़) भेज दिया।

थाना क्षेत्र के हुसेनपुर मुर्थान गांव निवासी राकेश यादव व अच्छे लाल यादव मुंबई गोरे गांव में रहकर आटो चलाते थे। लाकडाउन के बावजूद कोरोना संक्रमण के भय से वे घबरा गए। संयोगवश गोरे गांव मुम्बई से ही तरवां (आजमगढ़) के लिए कुछ लोग बोलेरो से आ रहे थे। चालक से बात कर प्रति व्यक्ति सात हजार रुपये किराया देकर रविवार की सुबह तरवां (आजमगढ़) पहुंचे। दोनों युवक पैदल गांव पहुंचे। यह देखकर गांव में हड़कंप मच गया। लोग दूरी बनाने लगे। राकेश यादव की मां मनोरमा देवी व अच्छे लाल यादव के पिता बृजेश यादव ने भी घर में प्रवेश करने से रोक दिया। तत्काल स्वास्थ्य परीक्षण के लिए पीजीआइ चक्रपानपुर (आजमगढ़) भेज दिया। ग्राम प्रधान रामअवध यादव ने बताया कि शनिवार को भी मुम्बई से धर्मेंद्र यादव व आशीष यादव गांव आए हैं। उसके पहले भी कुछ लोग आये हैं। जिनका कोई स्वास्थ्य परीक्षण नहीं हुआ है। गांव के लोग दहशत में हैं। बताया कि गांव से एक और गाड़ी कुछ लोगों को मुम्बई से लाने के लिए गई है। पिछले दो दिनों पहले भी मुंबई से आए दो युवकों को ग्रामीणों की देखरेख में क्वारंटाइन में रखा गया है।


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