लॉकडाउन : कोरोना वायरस से डरें नहीं इससे लड़े- अनिकेत श्रीवास्तव

कृपाशंकर पांडे (संवाददाता)

ओबरा । पीजी कॉलेज पूर्व छात्र संघ महामंत्री ने अपील किया हैं कि जहां एक तरफ पूरी मानव जाति पर कोरोना का संकट मंडरा रहा है लोग कोरोना के भय से अपने-अपने घरों में बंद हैं वहीं कुछ लोग ऐसे भी हैं जिनके पास रहने को घर ही नहीं है और जो रोज़ाना मेहनत-मजदूरी कर के अपना पेट भरते हैं। लॉकडाउन के वक्त कई ऐसे लोग भी हैं जिनके पास ना ही खाने को खाना है और ना ही रहने को घर।समाज को इस वैश्विक संकट की घड़ी में एक साथ मिल कर इस महामारी से लड़ना होगा। सरकार तो अपना पूरा प्रयत्न कर ही रही है लेकिन ये सभी नागरिकों का भी धर्म है कि वो इस लॉकडाउन के वक्त अपने आस-पास रहने वाले गरीब तपके के लोगों का सहारा बनें। ऐसी वैश्विक संकट की घड़ी में ये सभी नागरिकों का धर्म बनता है कि वो बेसहारा को सहारा दें और भूखे को भोजन दें। ये हम सभी नागरिकों कि जिम्मेदारी है कि ऐसी वैश्विक संकट की घड़ी में और लॉकडाउन के दौरान कोई भी भूखा ना रहने पाए।

आज जहां लगभग पूरा विश्व कोरोना के आगे असहाय हो चुका है वहां 130 करोड़ की जनसंख्या के साथ हम भारतवासी इससे लड़ रहे हैं और आज पूरे विश्व को केवल भारत में ही कोरोना पर विजय की उम्मीद नजर आ रही है। कोरोना से डरें नहीं इससे लड़े। कुछ भी मुश्किल या नामुमकिन नहीं है।हम भारतीयों ने पूर्व में भी विश्व को चेचक और पोलियो जैसी बीमारियों से बचाया है। कोरोना को हराने के लिए हम भारतीयों को इसकी संक्रमण की चेन को तोड़ना होगा और इसके लिए हमें सोशल दिस्टेंसिंग करना होगा ताकि इस वायरस का संक्रमण रोका जा सके और उससे मिले वक्त में कोरोना के संक्रमित मरीजों का पूर्ण कुशलता से इलाज़ कर उन्हें ठीक किया जा सके।कोरोना से लड़ने का सबसे कारिगर तरीका ये है कि सभी देशवासी अपने घरों में रह कर कोरोना संक्रमण की बढ़ती चेन को तोड़ें। घर पे रहने के दौरान सभी को अपनी और अपने परिवार की सेहत का ख्याल रखने की जरूरत है। कोरोना वायरस सीधा हमारे शरीर के इम्यून सिस्टम पर वार करता है इसलिए हमें कोरोना से लड़ने के लिए अपने इम्यून सिस्टम को मज़बूत रखने की जरूरत है। इसके लिए जरूरी है कि हम अधिक मात्रा में विटामिन सी वाली चीज़े जैसे नींबू, संतरा, टमाटर,मोसम्मी, आदि खाएं और ढेर सारा पानी पिएं। इसके साथ ही ध्यान देने कि बात ये है कि कोरोना वायरस हमारे शरीर में घुसने के बाद करीब तीन दिनों तक हमारे गले में रहता है जिससे हमें सूखी खांसी आती है और हमारे गले में ढेर सारा बलगम जमने लगता है इसके लिए आवश्यक है कि हम हर थोड़ी थोड़ी देर पे गरम पानी, काढ़ा या चाय पीते रहें या हल्के गुनगुने पानी से गरारा करें और अपने गले में बलगम ना जमने दें। वैसे तो कोरोना संक्रमित होने पर सूखी खांसी, सांस फूलना, बुखार, बदन दर्द जैसे लक्षण दिखाई देते हैं मगर राहत देने वाली बात ये है कि कोरोना से संक्रमित होने वाले लोग ठीक भी हो रहे हैं। बुरी खबर ज्यादा फैलती है और अच्छी खबर कम फैलती है। कोरोना से डरने की जरूरत नहीं है बल्कि हमें इससे लड़ने की जरूरत है। यदि किसी को भी अपने शरीर में निरंतर सूखी खांसी, बुखार, सांस फूलना, और बदन दर्द जैसे लक्षण महसूस होते हैं तो संक्रमण फ़ैल जाने के एहतियातन तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें या प्रशासन को सूचना दें। परहेज़ और बचाव ही कोरोना का इलाज हैं। हमारे देश के और विश्व भर के साइंटिस्ट/विशेषज्ञ कोरोना वायरस का टीका तैयार करने में लगे हैं और हो सकता है जल्दी ही हमें ख़ुश खबरी भी सुनने को मिले। तब तक के लिए स्वस्थ रहें, सजग रहें और कृपया घर में रहें।


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