हिन्दू नव वर्ष पर ज्योतिष की दृष्टि से पूरे विश्व की स्थिति

डा0 शशि कुमार पाठक, पीएचडी (विद्यावारिधि 9473616488)

विक्रम संवत नव वर्ष आरंभ भारतीय पंचांग के अनुसार नूतन वर्ष 25 मार्च दिन बुधवार से प्रारंभ हो रहा है। संवत 2077, शक 1942 में प्रमादी नाम संवत्सर होगा, जो कि वैशाख शुक्ल चतुर्दशी बुधवार 6 मई 2020 को आनंद नामक संवत्सर का प्रवेश होगा, परंतु नियमित पूरे वर्ष प्रमादी नामक संवत्सर का ही प्रयोग किया जाएगा। इस वर्ष राजा बुध व मंत्री सोम है। अतः केंद्र सत्ता व राज्यों के मध्य अधिकारों को लेकर मतभेद की भी स्थिति उत्पन्न हो सकती है। विश्व एवं भारत की दृष्टि से शिक्षा प्रणाली सुधार तथा बौद्धिक प्रगति हेतु विचार-विमर्श तथा श्रमिक कल्याण तथा जल संवर्धन एवं संरक्षण के प्रयास होंगे। विश्व के प्रमुख देशों के मध्य मतभेद की भी स्थिति उत्पन्न होने का योग बन रहा है। पूर्वी क्षेत्र में सैन्य कार्रवाई संभव है। सैन्य आयुध आयुधो के क्रय विक्रय में तेजी होगी। युद्ध जनित क्षेत्रों में संधि वार्ता तथा मेैतृी के प्रभाव होंगे ।विश्व के तापमान में वृद्धि होने का भी योग बनेगा। पश्चिम में आतंकी हिंसा तथा युद्ध जनित हालात उत्पन्न होने का भी योग बन रहा है। समुद्री भाग में आपदा संभव है । किसी महामारी का भी प्रकोप मार्च – अप्रैल में दिखने का योग बन रहा है ,साथ ही रेल अथवा परिवहन दुर्घटना की भी संभावनाएं बन रही हैं। विदेशी व्यापार में गतिरोध उत्पन्न होने का भी होगा है। प्रमुख देशों की मुद्राओं तथा पूंजी बाजार में प्रतिकूलता रहेगी। प्रमुख शेयर बाजार में स्थिरता रहकर मंदी का योग बना सकता है। बैंक तथा ऋण प्रदान करने वाली संस्थाओं को हानि होगी। स्त्रियों के प्रति अपराध में वृद्धि होने का भी योग दिख रहा है परंतु कृषि के क्षेत्र में अच्छी उत्पादन में वृद्धि होगी । भारत देश में नीति नियम तथा न्यायालय प्रक्रिया के प्रति नैतिक स्तर से सुधार होगा। कई राज्यों में शासन को लेकर उहापोह की स्थिति बन रही है। शोध अनुसंधान एवं जल परिवहन तथा संचार सेवा में लाभ प्राप्त होगा। व्यापार में पूंजी निवेश मंदी का रुख बनेगा । पूंजी निर्माण हेतु निवेश का प्रयास होगा। निर्माण उद्योग में मंद गति में वृद्धि होने का योग बन रहा है। जिसके संपर्क संपत्ति और सकल घरेलू उत्पादन में कमी आने का भी योग बन रहा है। बेरोजगारी में भी वृद्धि होगी। कुछ देशों के साथ व्यापार संबंधी नीति पर विवाद होने का भी योग बनेगा। शेयर में अस्थिरता के पश्चात मंदी का रुख बन रहा है। उचित प्रतिफल प्राप्त नहीं होंगे। कृषि क्षेत्र में अच्छी वृद्धि होगी। देश में भुगतान असंतुलन रहेगा। अंतरराष्ट्रीय व्यापार पक्ष में नहीं होगा। शिशुओं की मृत्यु दर में वृद्धि होगी । बच्चों पर अत्याचार में भी वृद्धि होगी । पूर्वोत्तर सीमाओं पर युद्ध की आशंका रहेगी। देश के पश्चिमोत्तर भाग में हिंसक घटनाएं तथा सांप्रदायिक तनाव का भी योग बन रहा है। दक्षिण भाग में प्राकृतिक आपदा घटित होगी। संहारक क्षमता में वृद्धि होने का भी योग बन रहा है। सरकारी संस्थाओं में अनैतिक कार्यों में प्रयोग होगा। चिकित्सालय ओं कारागृह सुधार गृहों में अराजकता की भी स्थित बन रही है । समाधि नाम संवत्सर का फल रस पदार्थों में मूल्यों में वृद्धि होगी। हिंसा तथा भय का योग बन रहा है ।प्रजा एवं शासकों में आनंद होगा ।वर्षा उत्तम होने का भी योग बन रहा है। इस वर्ष राजा बुध है जिसके कारण वर्षा उत्तम होगी ।धार्मिक कथा मंगल कार्य अधिक होंगे ।गोधन तथा धन-धान्य में वृद्धि होगी। इस वर्ष मंत्री सोम है जिसके कारण अनाज अधिक तथा फसल उत्पन्न होगी ।प्रजा में आनंद तथा सुख होगा। जनपदों के में विस्तार होने का भी योग बन रहा है। इस वर्ष विश्व में केवल दो ही सूर्य ग्रहण लग रहे हैं। जिसमें भारत में केवल एक सूर्यग्रहण दिखाई देगा।


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