कोरोना का खौफ : आज से बन्द होगा बाबा बंशीधर दरबार

धर्मेन्द्र गुप्ता (संवाददाता)

विंढमगंज । स्थानीय थाना से सटे झारखंड राज्य में लगभग 9 किलोमीटर दूर बंशीधर नगर में स्थापना काल के बाद पहली बार श्रद्धालुओं के लिये बंद होगा। श्री बंशीधर मंदिर, मंदिर में कल से विश्व कल्याणार्थ अनुष्ठान में होगा। नारायण कवच का पाठ
श्री बंशीधर मंदिर स्थापना काल के बाद पहली बार श्रद्धालुओं के लिये बंद होगा। ऐसा तेजी से पांव पसार रहे कोरोना वायरस जैसी महामारी के कारण उत्पन्न वैश्विक संकट के कारण हुआ है। हालांकि इस दौरान मंदिर में वैश्विक महामारी से मुक्ति और विश्व कल्याणार्थ के लिए अनुष्ठान होगा। मंदिर के आचार्य और पुजारी अनुष्ठान करेंगे।

आचार्य श्रीकांत मिश्र ने बताया कि विभिन्न देशों में महामारी के रूप में तेजी से पांव फैला रहे कोरोना वायरस से सम्पूर्ण विश्व की रक्षा के लिए श्री बंशीधर मंदिर के आचार्य एवं पुजारी शुक्रवार से विशेष अनुष्ठान करेंगे। उन्होंने बताया कि नित्य पूजन और आरती के साथ राग भोग लगाया जाएगा। साथ ही नारायण कवच का निरंतर पाठ होगा।

उन्होंने कहा कि आज सम्पूर्ण विश्व इस विषय को लेकर चिंतित है, सभी लोग इससे बचाव के उपाय को लेकर तरह-तरह के प्रयास कर रहे हैं। ऐसे श्री बंशीधर जी की आराधना ही इस संकट से मुक्ति दिलाने में सहायक हो सकता है। भगवान विष्णु के अवतार भगवान श्री बंशीधर जी ने सदैव संसार पर आई विपत्तियों का हरण किया है। उंगली पर गोवर्धन पर्वत उठाकर समस्त संसार का कल्याण किया है।
उसी भगवान श्री बंशीधर के समक्ष इस स्वास्थ्य संकट से रक्षा के लिए विशेष प्रार्थना और पूजा का आयोजन किया जाएगा। अनवरत नारायण कवच का पाठ होगा, जिससे मानव जगत की रक्षा और कल्याण हो सके।भगवान श्री बंशीधर जी में वो शक्ति है, जो व्यक्ति सच्चे भाव से उनके दरबार में प्रार्थना करते हैं, तो उसे वह सहर्ष स्वीकार करते हैं।
उन्होंने बताया कि अनुष्ठान के दौरान भगवान को भोग में अन्न भोजन के साथ-साथ मीठा खीर का भी भोग लगाया जाएगा। भगवान कृष्ण को तुलसी की पत्तियां अति प्रिय है। तुलसी पत्र सर्वश्रेष्ठ औषधि भी है। जिससे वायरस का संक्रमण नहीं होता। इसी मान्यता के अनुसार उन्हें चरणों में दैनिक पूजा अर्चना के दौरान तुलसी दल अर्पित कर इस महामारी को रोकने के लिये प्रार्थना होगी।इसकी जानकारी देते हुये मंदिर के
आचार्य सत्यनारायण मिश्र ने बताया कि मंदिर के इतिहास में ऐसे हालात पहली बार उत्पन्न हुए हैं कि मंदिर में श्रद्धालुओं के लिये दर्शन एवं पूजन पर रोक लगानी पड़ी है। उन्होंने बताया कि इस दौरान मंदिर में विश्व शांति के कल्याणार्थ अनुष्ठान किया जायेगा। जिसके तहत नारायण कवच का पाठ होगा। अनुष्ठान में मंदिर के सभी पुजारी शामिल रहेंगे।


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